विश्व में केवल ससेक्स में ही हैं नैनीताल जैसी रंग-बिरंगी पाल नौकाएं


पुरानी पाल नौकाएं
पुरानी पाल नौकाएं

-विश्व का सबसे ऊंचाई पर स्थित याट क्लब भी है नैनीताल

अक्टूबर 2014 में आयीं नई पाल नौकाएं
अक्टूबर 2014 में आयीं नई पाल नौकाएं

नवीन जोशी, नैनीताल। सरोवरनगरी नैनीताल को यूं ही विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी का दर्जा नहीं मिला हुआ है। यहां ऐसी अनेक खाशियतें हैं, जो दुनिया में अन्यत्र नहीं मिलतीं। नगर की पहचान कही जाने वाली रंग-बिरंगी तितलियों सरीखी पाल नौकाओं की बात करें तो ऐसी नौकाएं दुनिया में केवल इंग्लेंड के शहर ससेक्स की झील में ही मिलती हैं। वहां इनका संचालन नॉरफॉक्स ब्रॉड याट क्लब ससेक्स इंग्लेंड के द्वारा किया जाता है। इसलिए यदि आप नैनीताल में पाल नौकायन का आनंद न ले पाए, तो फिर ऐसा आनंद लेने के लिए आपको इंग्लेंड के शहर ससेक्स ही जाना पड़ेगा। पढ़ना जारी रखें “विश्व में केवल ससेक्स में ही हैं नैनीताल जैसी रंग-बिरंगी पाल नौकाएं”

नैनीताल में ‘लंदन फॉग’ संग मानो आसमां झुक जाता हो जमीं पर


नवीन जोशी नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल को यूं ही प्रकृति का स्वर्ग नहीं कहा जाता है। हर मौसम में यह शहर विश्वस्तर के एक नये आकर्षण को लेकर आता है, और छा जाता है। ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन में तो यहां देश-दुनिया से सैलानी प्राकृतिक एयरकंडीशनर (नेचुरल एसी) सरीखे मौसम का आनंद ले ही पाते हैं, लेकिन इसके बाद भी, जब देश मानसून का इंतजार कर रहा होता है, यहां लोकल मानसून झूम के बरसने लगता है। इस दौरान यहां एक नया आकर्षण नजर आता है, जिसे नगर के अंग्रेज निर्माताओं ने अपने घर इंग्लैंड को याद कर ‘लंदन फॉग’ और ‘ब्राउन फॉग ऑफ इंग्लैंड’ नाम दिये थे।

पढ़ना जारी रखें “नैनीताल में ‘लंदन फॉग’ संग मानो आसमां झुक जाता हो जमीं पर”

Most Popular Photos of Nainital are Mine


Hey Friends, Yes, if you search Most Popular Photos of Nainital in Google Earth and Tripmondo type travel websites, Most of them are Mine (नवीन जोशी), however some sites pasted my photos with there names… You may Try… These are the Links:  http://www.panoramio.com/map/#lt=29.374545&ln=79.456013&z=3&k=2&a=1&tab=1&pl=all https://www.tripmondo.com/india/uttarakhand/nainital/picture-gallery-of-nainital/ This is all due to you my friends…Keep visiting… Thanks Visit my Photo gallery @ Panoramio My More Photos can be seen at the Portfolio link and On Nainital Photos page under Page Link on the Hedder of Site and in My Blog-प्रकृति मां पढ़ना जारी रखें Most Popular Photos of Nainital are Mine

बलात्कार, मीडिया, सरकार, समाज और समाधान..


27NTL-5दिल्ली गैंग रेप कांड के बाद तो दावा किया गया था-जाग गया है पूरा देश !

फिर क्यों नहीं रुक रहे बलात्कार, क्यों हुई बुलंदशहर काण्ड की हैवानियत ?

दिल्ली गैंग रेप कांड और इसके बाद जो कुछ भी हुआ है, वह कई मायनों में अभूतपूर्व है। इस नृशंशतम् घटना के बाद कहा जा रहा था कि देश ‘जाग’ गया है, 125 करोड़ देशवासी जाग गए हैं, लेकिन सच्चाई इसके कहीं आसपास भी नहीं है। सच्चाई यह है दिल्ली गैंग रेप कांड के बाद भी ऐसे नृशंशतम मामलों का अंतहीन सिलसिला, बदायूं रेप कांड, लालकुआं, रामनगर, शीशमहल हल्द्वानी और अब 29 जुलाई 2016 की  रात्रि बुलन्दशहर के निकट एनएच-91 पर पिता के समक्ष पत्नी व नाबालिग बेटी के साथ हुई वहशियाना घटनाओं के साथ जारी है। सच यही है-न देश अन्ना के आंदोलन के बाद जागा था, और न ही अब जागेगा। हमारी आदत है, हम आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ आराम तलब होते चले जा रहे है। हम पहले जागते नहीं, और कभी

cartoons on politics, crime, crime against women, delhi gang rape, indian political cartoon, uttarpradesh cartoon
उत्तर प्रदेश में आपका स्वागत है !

देर से जाग भी गए, तो वापस जल्दी ही सो भी जाते हैं। यदि जाग गए होते तो दिल्ली की घटना के ठीक बाद बस से नग्नावस्था में फेंके गए युवक व युवती को यूं घंटों खुद को लपेटने के लिए कपड़े की गुहार लगाते हुए घंटों वहीं नहीं पड़े रहने देते। और तब ना सही, करोड़ों रुपए की मोमबत्तियां जलाने-गलाने के बाद ही सही, जाग गये होते तो अब देश में कोई बलात्कार न हो रहे होते, जितने लोग शीशमहल कांड की पीड़िता के बलात्कारी हत्यारे को सरेआम फांसी पर लटकाने और तड़फा-तड़फा कर मारने के कमेंट कर और मार्च निकालने को आगे आये, उसके एक फीसद से भी कम, कुछ सौ लोग भी यदि घटना के तत्काल बाद आस-पास 100-500 मीटर के दायरे में बच्ची की तलाश में जुटते तो आज इस सब की जरूरत ही न पड़ती। बुलंदशहर के साथ ऐसी अमानवीय घटनाओं का अबाध सिलसिला जारी न रहता। पढ़ना जारी रखें “बलात्कार, मीडिया, सरकार, समाज और समाधान..”

अल्मोड़ा में स्थापित होगी टैगोर पीठ, होंगे सुमित्रानंदन पंत पर शोध


-कुमाऊं विवि ने यूजीसी को भेजा प्रस्ताव नवीन जोशी, नैनीताल। यूजीसी की एक योजना के तहत कुमाऊं विवि ने अपने अल्मोड़ा परिसर में नोबल पुरस्कार विजता रवींद्र नाथ टैगोर के नाम पर एक पीठ की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पीठ में मुख्यतः अल्मो़डा के ही निवासी हिंदी के प्रख्यात छायावादी सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत के समग्र साहित्य पर शोध एवं गहन अध्ययन किया जाएगा। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी ने बताया कि यूजीसी की 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत देश के विश्वविद्यालयों में देश के महान नोबल पुरस्कार विजता साहित्यकारों व विद्वानों के नाम पर … पढ़ना जारी रखें अल्मोड़ा में स्थापित होगी टैगोर पीठ, होंगे सुमित्रानंदन पंत पर शोध

आखिर सच साबित हो गई गिर्दा की गैरसैंण के जीआईसी में राज्य की विधान सभा की कल्पना


आखिर सच साबित हो गई गिर्दा की जीआईसी में राज्य की विधान सभा की कल्पना प्रदेश के जनकवि गिरीश तिवारी ने 24 अगस्त 2010 को बांटा था यह विचार [pullquote align=center] कहते हैं महान लोग स्वप्नदृष्टा होते हैं। इसीलिए उनके विचार कालजयी होते हैं, और उनके जाने के लंबे समय बाद भी प्रासंगिक रहते हैं, और इसलिए याद भी किए जाते हैं। गैरसैंण में उत्तराखंड की राजधानी होने के राज्य आंदोलनकारियों के ख्वाबों की ताबीर में शायद अभी वक्त लगे, लेकिन रविवार आठ जून 2014 की शाम गैरसैंण के स्थानीय राजकीय इंटर कालेज के प्रांगण में शुरू होने वाली विधान … पढ़ना जारी रखें आखिर सच साबित हो गई गिर्दा की गैरसैंण के जीआईसी में राज्य की विधान सभा की कल्पना

भारत का स्विटजरलेंड, गांधी-पंत का ‘कौसानी’


 महाकवि कालीदास के कालजयी ग्रंथ कुमार संभव में नगाधिराज कहे गए हिमालय को बेहद करीब से निहारता और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा ‘भारत का स्विटजरलेंड’ कहा गया ‘कौसानी’ देश के चुनिंदा प्राकृतिक सौंदर्य से ओतप्रोत रमणीक पर्वतीय पर्यटक स्थलों में एक है। महात्मा गांधी को अपनी नीरवता और शांति से गीता के गूढ़ रहस्यों का ज्ञान कराने और ‘अनासक्ति योग’ ग्रंथ की रचना कराने वाली और प्रकृति के सुकुमार छायावादी कवि सुमित्रानंदन पंत की यह जन्म भूमि आदि-अनादि काल से लेकर वर्तमान तक प्रकृति प्रेमियों का पसंदीदा स्थान रही है। यहां दूर तक कोसी, गोमती और गगास नदियों के बीच … पढ़ना जारी रखें भारत का स्विटजरलेंड, गांधी-पंत का ‘कौसानी’

विभिन्न विषयों पर अधिक पसंद किए गए पोस्ट


http://bdv.bidvertiser.com/BidVertiser.dbm?pid=374149&bid=1747262 यहां हैं, हमारे ब्लॉग-ऊंचे पहाड़ों से जीवन के स्वर, मन कही, उत्तराखंड समाचार, प्रकृति मां और पत्रकारिता के गुर हमारे दिल में बसता है, हमारा नैनीताल, हमारा कुमाऊं और हमारा उत्तराखंड हमारे फेसबुक पेज को पसंद कर हमसे जुड़ें @ नवीन जोशी समग्र , ट्विटर पर @ नवीन जोशी और लिंक्ड-इन पर @ नवीन जोशी देखें नैनीताल से संबंधित फोटो का स्लाइड-शो ‘नैनीताल सिटी एंथम-ये नैनीताल है” के साथ। उत्तराखंड की फोटो ‘पिक्सोटो’ पर। पढ़िए कुमाउनी कविताओं की पुस्तक-उघड़ी आंखोंक स्वींड़ और कुमाउनी नाटक-जैल थै, वील पै। नैनीताल पर एक लघु शोध ग्रंथ-नैनीताल के लोग नगर एवं नैनी झील के प्रति कितना संवेदनशील हैं। देखें नैनीताल की नई-पुरानी फोटो का पावर-प्वाइंट प्रजेंटेशन-ओल्डी गोल्डी ब्यूटी … पढ़ना जारी रखें विभिन्न विषयों पर अधिक पसंद किए गए पोस्ट

साततालः झीलों और अनछुवी प्रकृति का समग्र


  Sattal On the Way to Sattal  प्रकृति प्रेमी सैलानियों को खूब आकर्षित करता है यह पर्यटन स्थल नवीन जोशी,नैनीताल। झीलों के शहर नैनीताल में मुख्यालय की नैनीताल झील विश्व प्रसिद्ध है, और इस कारण यहां दुनिया भर के सैलानी आते हैं, लिहाजा यहां खासकर सीजन में अत्यधिक भीड़भाड़ और मानवीय हस्तक्षेप सैलानियों को सुकून के पल और प्रकृति के उसके वास्तविक अनछुवे रूप में दर्शन कम ही हो पाते हैं। लेकिन प्रकृति के स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी की खूबसूरती वास्तव में इसके आसपास स्थित अन्य झीलों के समग्र और ‘लेक डिस्ट्रिक्ट’ के रूप में भी है। नगर के … पढ़ना जारी रखें साततालः झीलों और अनछुवी प्रकृति का समग्र

किलवरीः ‘वरी’ यानी चिंताओं को ‘किल’ करने (मारने) का स्थान


Forest Rest House Kilbury

Forest Rest House Kilbury

  • सरोवरनगरी के निकट एडवेंचर व शांति पसंद सैलानियों के लिए विकसित हो रहा नया पर्यटक स्थल
प्रकृति का स्वर्ग कही जाने वाली सरोवरनगरी नैनीताल तो अपनी खूबसूरती के लिए विश्व प्रसिद्ध पर्यटक है ही, लेकिन यदि आप इस स्थान के आसपास की प्रकृति को उसके वास्तविक अनछुवे स्वरूप में देखना चाहते हैं, तथा एडवेंचर यानी साहसिक पर्यटन और शांति की तलाश में पहाड़ों पर आए हैं, तो किलवरी-पंगूठ क्षेत्र आपकी अभीष्ट मंजिल हो सकता है।

पढ़ना जारी रखें “किलवरीः ‘वरी’ यानी चिंताओं को ‘किल’ करने (मारने) का स्थान”

अस्तित्व में आया ‘नैना देवी हिमालयन बर्ड कंजरवेशन रिजर्व’


Camp Site Pangot
Camp Site Pangot

-वर्ल्ड बर्ड डेस्टिनेशन के रूप में पहले से ही प्रसिद्ध है किलवरी-पंगोट-विनायक ईको-टूरिज्म सर्किट

नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड प्रदेश की समृद्ध वन संपदा का लाभ पर्यटन विकास के तौर पर लेने के लिए नैनीताल स्थित वैश्विक स्तर के पक्षी अवलोकन स्थल किलवरी-पंगोट-विनायक ईको टूरिज्म सर्किट ‘नैना देवी हिमालयी पक्षी विहार आरक्षिती” या ‘नैना देवी हिमालयन बर्ड कंजरवेशन रिजर्व” (एनडीएचबीसीआर) के रूप में स्थापित हो गया है। बुधवार यानी 29 अप्रैल को प्रदेश के वन मंत्री दिनेश अग्रवाल वन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ इसका व इसके लोगो का औपचारिक शुभारंभ किया, जिसके साथ यह 11191.90 हैक्टेयर यानी करीब 112 वर्ग किलोमीटर में फैला एनडीएचबीसीआर देहरादून के आसन, हरिद्वार के झिलमिल व नैनीताल के पवलगढ़ के बाद उत्तराखंड का चौथा तथा प्रदेश के सबसे बड़ा पक्षी संरक्षित अभयारण्य के रूप में अस्तित्व में आ गया। यहां पक्षियों को देखने के साथ ही उन पर शोध व अनुसंधान भी किए जाएंगे। गत सात मार्च 2015 को एनडीएचबीसीआर के बाबत शासनादेश संख्या 330/ग-2/2015-19(11) 2014 जारी किया गया था।

पढ़ना जारी रखें “अस्तित्व में आया ‘नैना देवी हिमालयन बर्ड कंजरवेशन रिजर्व’”