पूरे कुमाऊं के बिना कैसा कुमाऊं विश्वविद्यालय, चल रही राजनीतिक कारणों से तोड़ने की तैयारी


  • KUv Logoकभी भी हो सकती है घोषणा
  • कुमाऊं विवि को तोड़कर नए पर्वतीय विवि की स्थापना पर खुश नहीं प्राध्यापक
  • सरकार के निर्देशों पर कुमाऊं विवि की कार्य परिषद ने पारित किया है प्रस्ताव
  • प्राध्यापकों ने कहा शिक्षा के साथ नहीं होनी चाहिए राजनीति, केंद्रीय विवि के मुद्दे पर सभी पक्षों के मौन साधने पर भी चिंता
  • कहा अल्मोड़ा परिसर को कुमाऊं विवि से काटना गलत, बेहतर है तराई क्षेत्र के लिए बने अलग विवि
    नवीन जोशी, नैनीताल। प्रदेश सरकार के निर्देशन पर कुमाऊं विवि की कार्य परिषद ने कुमाऊं विवि को काटकर पर्वतीय विवि बनाने का प्रस्ताव पारित किया है। इस पर कुमाऊं विवि के भीतर ही वरिष्ठ प्राध्यापकों की ओर से नाराजगी और विरोध सामने आने लगा है। कुमाऊं विवि के अल्मोड़ा परिसर के निदेशक प्रो. आरएस पथनी एवं वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. बीडी कविदयाल ने विवि के 41वें स्थापना दिवस (एक दिसंबर) के अवसर पर खुलकर इस पर नाराजगी जताई।

उल्लेखनीय है कि कुमाऊं विवि को तोड़कर नया विवि स्थापित किए जाने को लेकर कुमाऊं विवि की कार्य परिषद द्वारा प्रस्ताव पारित कर दिया गया है, जिसके अनुसार कुमाऊं विवि में नैनीताल स्थित डीएसबी परिसर के अलावा हल्द्वानी नया परिसर होगा। वहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत गत दिवस रुद्रपुर में भी कुमाऊं विवि का परिसर स्थापित करने की घोषणा की है, जिससे इस मामले में संशय की स्थिति भी बनी हुई है। कुमाऊं विवि द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार नए प्रस्तावित पर्वतीय आवासीय विवि का मुख्यालय अल्मोड़ा में होगा, जिसमें अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ के दो नए परिसर शामिल किए जाने प्रस्तावित हैं। इस पर वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. बीडी कविदयाल ने विस्तृत चर्चा किए जाने की आवश्यकता जताते हुए कहा कि अल्मोड़ा परिसर को नैनीताल (कुमाऊं विवि) से अलग करने की कल्पना करना भी बेमानी है। कुमाऊं विवि की स्थापना भी गढ़वाल विवि के साथ पर्वतीय विवि के रूप में ही की गई थी। कुमाऊं विवि के परिचालन में समस्या पर्वतीय क्षेत्रों के परिसरों या महाविद्यालयों की ओर से नहीं वरन तराई क्षेत्र के कॉलेजों की वजह से है। बेहतर होता कि तराई क्षेत्र के लिए अलग विवि की स्थापना की जाती, ताकि कुमाऊं विवि पर्वतीय क्षेत्र में बेहतर कार्य कर अपने उद्देश्यों को पूरा कर पाता। वहीं अल्मोड़ा परिसर के निदेशक प्रो. आरएस पथनी ने भी इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अल्मोड़ा में पर्वतीय आवासीय विवि की स्थापना का कोई औचित्य समझ में नहीं आता है, क्योंकि यहां से पिथौरागढ़ 110 और मुन्स्यारी 300 किमी दूर है, जिन्हें अल्मोड़ा में विवि की स्थापना से किसी तरह का लाभ मिलना संदेहास्पद ही है। ऐसा लाभ पिथौरागढ़ में नया विवि स्थापित किए जाने से ही मिल सकता है। उन्होंने विवि में शिक्षा के स्तर की बेहतरी के लिए पहले प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के ढांचे को मजबूत किए जाने की भी आवश्यकता जताई। साथ ही बीते वर्षों में दब गई कुमाऊं में केंद्रीय विवि स्थापित किए जाने की मांग को एक बार पुन: सांसदों के स्तर से आगे बढ़ाए जाने की आवश्यकता भी जताई।

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3 responses to “पूरे कुमाऊं के बिना कैसा कुमाऊं विश्वविद्यालय, चल रही राजनीतिक कारणों से तोड़ने की तैयारी

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