डल झील की तरह जमा नैनीताल का सूखाताल


Page 1, Rashtriya Sahara, Dehradun 19.12.2014

झील के जमे पानी पर घूम रहे हैं सैलानी

नैनीताल (एसएनबी)। कश्मीर की डल झील की तरह ही सरोवरनगरी की सूखाताल झील भी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड से पूरी तरह जम गई है। दिलचस्प बात यह है कि बच्चे झील पर जमी बर्फ की मोटी चादर पर हॉकी जैसा खेल खेल रहे हैं। साथ ही सैलानी भी इस पर मजे से घूम रहे हैं। कुछ लोग कुदरत की इस नेमत की शक्ति को मापने के लिए बर्फ पर पांव से जोर के प्रहार कर रहे हैं, मगर बर्फ कहीं से भी चटकती नजर नहीं आ रही है। गौरतलब है कि सामान्यत: सूखाताल झील वर्ष में अधिकांश समय सूखी ही रहती है और यहां पानी नहीं होता है, मगर इस वर्ष बारिश के समय में यह काफी भरी थी और हालिया बर्फवारी से पहले दो दिन हुई बारिश से यह अपने सिरे पर पानी से भरी हुई थी। स्थानीय चंद्रशेखर कार्की ने बताया कि बर्फवारी से पहले झील के उत्तर-पश्चिमीछोर पर काफी पानी था। बहरहाल यह सैलानियों, बच्चों व नगरवासियों के लिए तो आनंद का माध्यम बनी हुई है। इस तरह बीती 14 दिसम्बर को हुई बर्फबारी के चार दिन बाद बर्फ से भरे रहने को नैनी झील के पर्यावरणीय दृष्टिकोण से काफी लाभप्रद माना जा रहा है, क्योंकि यह झील नैनी झील की सर्वाधिक (70%) जलप्रदाता झील है।

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नैनी झील के बारे में कुछ चिंतित करने वाले तथ्य

देखें नैनीताल के भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान (नैनीताल जू) में बर्फवारी के बार कैसा महसूस कर रहे हैं वन्य प्राणी: 

नैनीताल चिड़ियाघर में बर्फ की ठंड में भी गर्म हैं वन्य जीव

नैनीताल। नैनीताल का चिड़ियाघर अपने पूरे नाम भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान को सार्थक करता हुआ वन्य जीवों के लिए सर्दियों में भी स्वर्ग बना हुआ है। यहां बर्फवारी के बाद वन्य जीवों को अच्छी धूप तो मिल ही रही है, वहीं खाने में उनकी पसंद के अनुसार गर्म तासीर का भोजन भी कराया जा रहा है। इसमें हिमालयन भालू को उसकी पसंद का शहद तथा खीर खाने को मिल रही है तो पक्षियों को मुर्गी के अंडे तथा अन्य वन्य जीवों को भी नाश्ते में खीर मिल रही है। साथ ही हिंसक बाघ व गुलदार जैसे वन्य जीवों को गर्मागर्म गोश्त मिलना सामान्य बात ही है। इसके अलावा सर्दी के प्रति संवेदनशील पक्षियों के बाड़ों में शाम ढलने के बाद मोटे तिरपाल के परदे डालकर भी उन्हें शीत से बचाने के उपक्रम किए गए हैं। चिड़ियाघर के वन क्षेत्राधिकारी मनोज साह ने कहा कि सर्दियों में सभी पशु-पक्षियों के भोजन में कार्बोहाइड्रेट और वसा की मात्रा बढ़ा दी गई है। नगर का मौसम भी बर्फवारी के बाद अच्छी धूप खिलने के साथ वन्य जीवों के लिए काफी अनुकूल हो गया है। वह धूप का खूब आनंद ले रहे हैं।

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