चार हजार वर्ष पुराना हड़प्पा कालीन है उत्तराखंड राज्य का इतिहास


नवीन जोशी, नैनीताल । उत्तराखंड राज्य के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो.राम सिंह के अनुसार उत्तराखंड का इतिहास चार हजार वर्ष पुराना है। उन्होंने बताया कि ईसा से डेढ़ से दो हजार वर्ष […]

Read Article →

उत्तराखंड में गुझिया-मिठाई सहित कुछ भी खाना रिस्की, मैगी नूडल्स की जांच की भी नहीं व्यवस्था


नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड राज्य में त्योहार राज्य वासियों के स्वास्थ्य पर भारी न पड़ जाए। राज्यवासी होली दिवाली या आम दिनों में गुझिया-मिठाई सहित कुछ भी खाएें तो अपने रिस्क […]

Read Article →

अब पहाड़ पर सैलानी ले सकेंगे गोवा की तरह खुले में नहाने का आनंद


मदकोट में बनेगा देश का पहला गंधक के पानी का ‘तप्त स्विमिंग पूल’ -गोरी नदी में बहता है गंधक का पानी, जो शरीर को गोरा करने के साथ ही त्वचा […]

Read Article →

उत्तराखंड से 1.5 और सिक्किम से 1.7 लाख में होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा


-उत्तराखंड से 1080 और सिक्किम से 250 यात्री जा पाएंगे यात्रा पर -उत्तराखंड के पौराणिक मार्ग से 25 तो सिक्किम से 23 दिनों में पूरी होगी यात्रा -उत्तराखंड के रास्ते पहला बैच 12 जून को और सिक्किम के […]

Read Article →

उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी-रत्नगर्भा अल्मोड़ा


चंद शासकों की राजधानी रहे अल्मोड़ा की मौजूदा पहचान निर्विवाद तौर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में है। अपनी प्रसिद्ध बाल मिठाई, चॉकलेट व सिगौड़ी जैसी ही मिठास […]

Read Article →

1.2 करोड़ वर्ष पुराना इतिहास संजोए, उच्च हिमालयी मिनी कश्मीर-सोर घाटी पिथौरागढ़


उच्च हिमालयी हिमाच्छादित पंचाचूली पर्वत श्रृंखलाओं तथा कल-कल बहती सदानीरा काली-गोरी व रामगंगा जैसी नदियों के बीच प्राकृतिक जैव विविधता से परिपूर्ण उत्तराखंड के सीमान्त जनपद मुख्यालय पिथौरागढ़ की पहचान […]

Read Article →

चंपावत से मिला ‘कुमाऊं’ को अपना नाम और यह ही ‘कुमाऊं’ की मूल पहचान


यूं चंपावत वर्तमान में कुमाऊं मंडल का एक जनपद और जनपद मुख्यालय है, लेकिन यह कहना अतिशयोक्ति नहीं है कि कुमाऊं का मूल ‘काली कुमाऊं’ यानी चंपावत ही है। यही […]

Read Article →

आज भी सड़क से दो से 15 किमी पैदल दूर हैं नैनीताल के 130 गांव


-सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर तरह की सरकारी सुविधा से दूर आदिम युग का जीवन जीने को मजबूर हैं इन गांवों के हजारों ग्रामीण नवीन जोशी, नैनीताल। सुदूर मंगल तक […]

Read Article →

प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ सदृश रामायण-महाभारतकालीन द्रोणगिरि वैष्णवी शक्तिपीठ दूनागिरि


हिमालय की गोद में बसे आध्यात्मिक महिमा से मंडित और नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर दूनागिरि शक्तिपीठ का अपार महात्म्य है। जम्मू के प्रसिद्ध वैष्णो देवी शक्तिपीठ की तरह ही […]

Read Article →

समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सहेजे द्वाराहाट और स्याल्दे बिखौती का मेला


‘ओ भिना कसिकै जानूं द्वारहाटा’ जैसे कुमाऊं के लोकप्रिय लोक गीतों में वर्णित और कत्यूरी शासनकाल में राजधानी रहा द्वाराहाट अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-प्रदेश में प्रसिद्ध है। […]

Read Article →

राजुला-मालूशाही और उत्तराखंड की रक्तहीन क्रांति की धरती, कुमाऊं की काशी-बागेश्वर


पौराणिक काल से ऋषि-मुनियों की स्वयं देवाधिदेव महादेव को हिमालय पुत्री पार्वती के साथ धरती पर उतरने के लिए मजबूर करने वाले तप की स्थली बागेश्वर कूर्मांचल-कुमाऊं मंडल का एक […]

Read Article →