‘द ग्रेट खली’ के बनने में नैनीताल की नयना देवी का भी रहा है आशीर्वाद


Khali Nainital
नैनीताल की माल रोड पर जुलूस के साथ खली और स्वर्गीय निर्मल पांडे

-नैनीताल से रहा है खली का दो दशक पुराना नाता, शायद इसीलिये यहां से ‘द ग्रेट खली रिटर्न रेस्लिंग मेनिया’ के जरिये कर रहे हैं रिंग पर वापसी
-यहां 1998 में पहले कुमाऊं महोत्सव में सिने अभिनेता निर्मल पांडे के साथ पहुंचे थे
नवीन जोशी, नैनीताल। 24 फरवरी 2016 को नैनीताल जनपद के हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम से रिंग पर लौट कर रिंग पर करीब एक दशक बाद वापसी करने वाले दुनिया के ‘द ग्रेट खली’ का नैनीताल से रिश्ता करीब दो दशक पुराना रहा है। वह यहां ‘द ग्रेट खली’ नहीं ‘खली’ या ‘महाबली’ भी नहीं वरन अपने मूल नाम ‘दलीप सिंह राणा’ के रूप में पहुंचे थे। यहां उन्होंने नगर की आराध्य देवी नयना देवी के दरबार में शीश नवाया था और यहां से लौटने के तत्काल बाद ही मुंबई में आयोजित हो रही ‘मिस्टर इंडिया’ प्रतियोगिता के लिये आशीर्वाद लिया था। वह यह प्रतियोगिता जीत कर ‘मिस्टर इंडिया’ बने, और इसी के बाद वह ‘जॉइंट सिंह’ और ‘खली’ बनते हुये आखिर ‘द ग्रेट खली’ बनकर यहां लौटे हैं, और शायद इसीलिये उन्होंने यहीं से ‘कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट’  यानि सीडब्ल्यूई के जरिये अपने करियर की दूसरी पारी की शुरूआत की।

पढ़ना जारी रखें “‘द ग्रेट खली’ के बनने में नैनीताल की नयना देवी का भी रहा है आशीर्वाद”

नैनीताल की लतिका ने 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण पदक


शिलांग में दक्षिण एशियाई खेलों के पोडियम पर पदक के साथ राष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी।
शिलांग में दक्षिण एशियाई खेलों के पोडियम पर पदक के साथ राष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी।

नवीन जोशी, नैनीताल। नैनीताल की ताइक्वांडो खिलाड़ी लतिका भंडारी ने 12वें दक्षिण एशियाई खेल 2016 में खेलते हुये देश 53 किग्रा भार वर्ग में पदक जीतकर शहर तथा देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है। शिलांग के निग्रिमस इंडोर स्टेडियम में 13 से 15 फरवरी तक आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में लतिका ने अपने पंचों का दम दिखाते हुये स्वर्ण पदक को अपने नाम किया। सोमवार को खेले गये प्रतियोगिता के फाइनल में उन्होंने नेपाल की नीमा गुरंग को 17-6 से हराकर सोने का पदक अपने नाम किया, जबकि इससे पूर्व सेमी फाइनल में उन्होंने भूटान की मेरीडोना को 17-3 के अंतर से पटखनी दी।

पढ़ना जारी रखें “नैनीताल की लतिका ने 12वें दक्षिण एशियाई खेलों में जीता स्वर्ण पदक”

ऐतिहासिक भवाली सेनिटोरियम को लगाया 22 लाख का ‘चूना’


  • भवाली सेनिटोरियम में लघु निर्माण मद में अलग-अलग भागों में 11 लाख एवं अनुरक्षण मद में रंगाई-पुताई पर 11 लाख के घोटाले का अंदेशा
  • महानिदेशक के आदेशों पर स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं की जांच में सेनिटोरियम की तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक सहित तीन अधिकारियों को उत्तरदायी बताते हुये की गई है विशेष जांच की संस्तुति
  • गठिया के पूर्व ग्राम ट्रेवोर मेसी व नैनीताल के पूर्व सभासद संजय साह द्वारा सूचना के अधिकार के तहत ली गयी जानकारी में हुआ खुलासा 

नवीन जोशी, नैनीताल। जनपद में एनआरएचएम के बाद भवाली स्थित ऐतिहासिक टीबी सेनीटोरियम में पिछले वित्तीय वर्ष 2014-15 में 22 लाख रुपये के कार्यों में घोटाले का नया मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश की स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेशों पर स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं डा. गीता शर्मा द्वारा की गई जांच सूचना के अधिकार के तहत उजागर हुई है। जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर इस धनराशि से हुये रंगाई-पुताई व अन्य लघु निर्माण के कार्यों को गैर तर्कसंगत तरीके से गैंग मजदूरों से बिना आगणन गठित किये करने व बिलों का सत्यापन किसी अभियंता से न कराये जाने का हवाला देते हुये कहा गया है कि तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक डा. तारा आर्या, सहायक अधीक्षक केएल गौतम और प्रधान सहायक डीडी पांडे उत्तरदायी प्रतीत होते हैं, लिहाजा मामले में विशेष सम्प्रेक्षा की संस्तुति की गई है। इसके अलावा आगे ऐसे कार्यों में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाये जाने की भी संस्तुति की गई है।

पढ़ना जारी रखें “ऐतिहासिक भवाली सेनिटोरियम को लगाया 22 लाख का ‘चूना’”

नैनीताल एनआरएचएम में घोटाले की बू !


  • प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव को किया निर्देशित
  • नैनीताल डीएम के आदेश पर दिसंबर 2014 में संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर से की गयी प्रारंभिक जांच में 4.67 करोड़ रुपये के दुर्विनियोग एवं एक करोड़ रुपये की शासकीय क्षति पहुंचाने का है रिपोर्ट में उल्लेख

नवीन जोशी, नैनीताल। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नैनीताल जनपद के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्य मिशन एवं राष्ट्रीय शिशु स्वास्य कार्यक्रम के बाबत संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर पर हुई एक जांच में उजागर हुए तथ्यों के आधार पर मिली एक शिकायत पर संज्ञान लिया है, और राज्य के मुख्य सचिव से इस मामले में आवेदक की शिकायत पर कार्रवाई करने एवं कृत कार्रवाई से आवेदक को अवगत कराने एवं वेब पोर्टल पर भी जानकारी सार्वजनिक करने के आदेश दिये हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मिशन के तहत खातों में चार करोड़ 67 लाख 39 हजार 389 रुपये अधिक दिखाये गये हैं, तथा नौ लाख 53 हजार 563 रुपये से अधिक की शासकीय कोष को क्षति पहुंचाने की बातें कही गयी हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायतकर्ता के वाहन भी चलते रहे हैं, तथा इसी सम्बन्ध में चेकों से छेड़छाड़ के आरोप में शिकायतकर्ता के घर की कुर्की हो चुकी है।

राष्ट्रीय सहारा 14 फरवरी 2016
राष्ट्रीय सहारा 14 फरवरी 2016

पढ़ना जारी रखें “नैनीताल एनआरएचएम में घोटाले की बू !”

नैनीताल के राजभवन गोल्फ कोर्स में गोल्फ स्टिक के लम्बे शॉट्स का अभ्यास करते क्रिकेटर उन्मुक्त चंद

भारतीय टीम में ओपनर की भूमिका तलाश रहे उन्मुक्त ने नैनीताल में गोल्फ स्टिक से उड़ाये छक्के


नैनीताल के राजभवन गोल्फ कोर्स में गोल्फ स्टिक के लम्बे शॉट्स का अभ्यास करते क्रिकेटर उन्मुक्त चंद
नैनीताल के राजभवन गोल्फ कोर्स में गोल्फ स्टिक के लम्बे शॉट्स का अभ्यास करते क्रिकेटर उन्मुक्त चंद

नवीन जोशी, नैनीताल। अपने कॅरियर की शुरुआत में दिल्ली के लिए ओपनर के रूप में 425 रनों की पारी और अंडर-19 विश्व कप में आस्ट्रेलिया के खिलाफ 111 रनों की नाबाद व कप्तानी पारी खेलकर आस्ट्रेलियाई दिग्गज पूर्व कप्तान इयान चैपल से प्रशंसा प्राप्त कर चुके उत्तराखण्ड मूल के युवा क्रिकेटर उन्मुक्त चंद भारतीय क्रिकेट टीम में ओपनर के रूप में अपनी भूमिका तलाश रहे हैं। बीती 5 फ़रवरी 2016 की शाम नैनीताल पहुंचे थे, और 6 की सुबह नैनीताल राजभवन स्थित गोल्फ कोर्स में उन्होंने गोल्फ खेलकर अपना दैनिक अभ्यास करते हुए पसीना बहाया। इस दौरान उन्होंने यहाँ नैनीताल राजभवन गोल्फ कोर्स में गोल्फ स्टिक (क्लब) पर पहली बार हाथ आजमाते हुए कई ‘उन्मुक्त छक्कों’ सरीखे लम्बे शॉट भी खेले। साथ ही अपने दोस्तों के साथ नगर की प्राकृतिक सुंदरता में खोकर कई सेल्फी लीं। इस दौरान उन्होंने अपने कॅरियर, भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने की संभावनाओं, इसके लिए की जा रही मेहनत आदि पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि तीन-चार दिन के अवकाश पर अपने घर-कुमाऊं आये हैं।

पढ़ना जारी रखें “भारतीय टीम में ओपनर की भूमिका तलाश रहे उन्मुक्त ने नैनीताल में गोल्फ स्टिक से उड़ाये छक्के”

नैनीताल नगरपालिका के हाथ से रिक्शे भी ‘जायेंगे’, तभी ई-रिक्शा आयेंगे


02NTL-1-पूर्व में शरदोत्सव का आयोजन, फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगी भी जा चुकी है हाथ से, होगा आर्थिक नुकसान
नवीन जोशी, नैनीताल। नगरवासियों, यहां आने वाले सैलानियों के लिये यह खबर अच्छी है कि नगर में मौजूदा तीन पहिया रिक्शों की जगह बैटरी से चलने वाले ईको-फ्रेंडली ई-रिक्शा चलेंगे। इनमें अपेक्षाकृत तेज गति से एक साथ दो की जगह चार से अधिक सवारियां एक से दूसरे स्थान पर पहुंच पायेंगे, वहीं कुछ हद तक यात्रियों को महंगी टैक्सियों की जगह सस्ता और प्रदूषण मुक्त यातायात का साधन भी उपलब्ध होगा। लेकिन देश की दूसरी प्राचीनतम नगर पालिका नैनीताल के लिये यह खबर इतनी अच्छी शायद न हो। उसके हाथ से रिक्शों का नियंत्रण, लाइसेंस, नियमों का पालन न करने पर चालान आदि करने का अधिकार चला जायेगा। यह खबर इसलिये भी महत्वपूर्ण है कि यह सरकार के आय बढ़ाने की उलाहनाओं और 74वें संविधान संसोधन के जरिये पालिकाओं को अधिक स्वतंत्र व मजबूत बनाने के संकल्प के विपरीत होगा। साथ ही पूर्व में वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत व पेयजल आदि विभागों और हालिया दौर में फांसी गधेरा और बारापत्थर की चुंगियों व शरदोत्सव के आयोजन को खोने के बाद पालिका वर्तमान में नगर में चलने वाले 82 पंजीकृत रिक्शों के संचालन का अधिकार भी खो देगी।

पढ़ना जारी रखें “नैनीताल नगरपालिका के हाथ से रिक्शे भी ‘जायेंगे’, तभी ई-रिक्शा आयेंगे”

मलेशिया में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनना सीखेगा नैनीताल


शुक्रवार 5 फ़रवरी को मल्लीताल बोट स्टैंड पर नैनी झील का जलस्तर गिरने से उभरा मलबे का पहाड़ सरीखा डेल्टा।
शुक्रवार 5 फ़रवरी को मल्लीताल बोट स्टैंड पर नैनी झील का जलस्तर गिरने से उभरा मलबे का पहाड़ सरीखा डेल्टा।
मलयेशिया में यहाँ होगी संगोष्ठी
मलयेशिया में यहाँ होगी संगोष्ठी

-दो से चार मार्च तक मलयेशिया के मेलाका प्रांत में होने जा रही है एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शहरों को जलवायु अनुकूल बनाने की अंतरमहाद्वीपीय संगोष्ठी में नैनीताल नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी किये गए हैं आमंत्रित

नवीन जोशी, नैनीताल। नैनीताल नगर मलयेशिया में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनना सीखेगा। इसके लिये स्थानीय नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी को दो से चार मार्च तक मलयेशिया के मेलाका प्रांत में आयोजित होने जा रही एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शहरों को जलवायु अनुकूल बनाने की ‘रेजीलियेंट सिटीज एशिया-पैसिफिक 2016 कांग्रेस’ विषयक अंतरमहाद्वीपीय कार्यशाला में प्रतिभाग करने के लिये आमंत्रित किया गया है। उल्लेखनीय है कि कार्यशाला में देश के कुछ ही ऐसे चुनिंदा शहरों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है, जिन्हें आयोजक संस्था आईसीएलईआई ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के ‘रेजीलियेंट’ यानी जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति लचीले शहरों की सूची में शामिल किया है।बताया गया है कि आईसीएलईआई दक्षिण एशिया के स्थानीय निकायों यानी शहरों में स्थायित्व के लिये कार्य करने वाली एक नियंत्रण संस्था है। इसका सूत्र वाक्य है-लोकल गवर्नमेंट फॉर सस्टेनेबिलिटी।

पढ़ना जारी रखें “मलेशिया में जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनना सीखेगा नैनीताल”

राष्ट्रीय सहारा 16 जून 2016

नैनी झील में मलबा सफाई: बिना काम ख़तम-पैसा हजम


नवीन जोशी, नैनीताल। काम खत्म होने के बाद पैसा हजम हो जाए तो कोई बात नहीं, किंतु नैनीताल जिला प्रशासन नैनी झील का मलबा हटाने के लिए वाहवाही लूटने की कोशिश कर रहा है। वह भी बिना काम खत्म पैसा हजम के फार्मूले पर चलकर। यहां यह बताना जरूरी है कि नैनी झील से मलबा हटाने के लिए प्रशासन ने तीन मदों से 80 लाख रपए तो खर्च कर दिए गए, किंतु झील में आया पूरा मलबा हटाना दूर, स्वयं इकट्ठा किया गया मलबा भी बारिश आने पर झील में वापस जाने के लिए छोड़ दिया गया और ऐसा बहुत सारा मलबा झील में वापस चला भी गया है। वहीं झील में दोबारा मलबा न आए, इस के लिए नालों की सफाई जैसे कार्य पिछले एक वर्ष से लंबित पड़े हैं। नालों की मरम्मत के भी पिछले वर्ष जुलाई माह में आई बारिश के बाद ध्वस्त हुए कार्य आज तक पूरे नहीं हो पाए हैं, जिस कारण हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, और हालातों में पिछले वर्ष से कोई सुधार नहीं देखने को मिला है।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 31 मई 2016 को सर्वाधिक रिकॉर्ड -7.1 फीट के स्तर तक नैनी झील का जल स्तर गिरा, जबकि इससे पूर्व मई 2012 में -2.5 फीट तक जल स्तर गिरा था। इधर झील में -12 फीट तक जल स्तर मापने का प्रबंध भी किया जा रहा है।

पढ़ना जारी रखें “नैनी झील में मलबा सफाई: बिना काम ख़तम-पैसा हजम”

इंटरनेट की दुनिया की ताजा खबरें


नए मीडिया के आने से परंपरागत प्रिंट मीडिया के समक्ष बड़ी चुनौती समय से अधिक तेजी से हो रहे मौजूदा बदलाव के दौर में परंपरागत या प्रिंट पत्रकारिता के करीब दो हजार वर्ष तक रहे एकाधिकार को 20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि, ‘ई-सूचना हाईवे’ के रूप में अस्तित्व में आये इंटरनेट के माध्यम से जुड़े साइबर मीडिया, साइबर जर्नलिज्म, ऑनलाइन जर्नलिज्म, इंटरनेट जर्नलिज्म, कम्प्यूटराइज्ड जर्नलिज्म, वेबसाइट पत्रकारिता व वेब पत्रकारिता सहित कई समानार्थी नामों से पुकारे जाने वाले ‘कलम रहित’ नये मीडिया और इसके प्रमुख घटक सोशल मीडिया ने पिछले करीब दो दशकों में बेहद कड़ी चुनौती दी है। … पढ़ना जारी रखें इंटरनेट की दुनिया की ताजा खबरें

पीसी तिवारी का मुख्यमंत्री हरीश रावत के नाम जेल से खुला ख़त


हरीश रावत
हरीश रावत

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री हरीश रावत जी,
उत्तराखण्ड सरकार,
देहरादून।

माननीय मुख्यमंत्री जी,
एक स्थानीय चैनल ईटीवी पर कल रात व आज सुबह पुनः नानीसार पर आपका विस्तृत पक्ष सुनने का मौका मिला। आपकी इस मामले में चुप्पी टूटने ये यह साबित हुआ कि उत्तराखण्ड में संघर्षरत जनता की आवाज आपकी पार्टी की सियासी सेहत को नुकसान पहुंचाने लगी है।

यह भी पढ़ें : 

पढ़ना जारी रखें “पीसी तिवारी का मुख्यमंत्री हरीश रावत के नाम जेल से खुला ख़त”

Beenbaja

कुमाउनी लोक संगीत को बचाने में जुटेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय


राष्ट्रीय सहारा, 1 फरवरी 2016

कुमाऊं विवि ने बनाया कुमाऊं के लोक संगीत को अपना ‘मैन्डेट’
-कुमाऊं के परंपरागत लोकगीतों न्यौली, छपेली, चांचरी व शगुराखरों आदि को उनके मूल स्वरूप में आगे लाने, कुमाउनी संगीत को हालिया दौर में आ रहे हल्केपन से बचाने के साथ फ्यूजन के जरिये राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने के होंगे प्रयास
नवीन जोशी, नैनीताल। कुमाऊं विश्व विद्यालय कुमाऊं मंडल के परंपरागत लोकगीतों न्यौली, छपेली, चांचरी व शगुराखरों आदि को उनके मूल स्वरूप में आगे लाने, कुमाउनी संगीत को हालिया दौर में आ रहे हल्केपन से बचाने के साथ फ्यूजन के जरिये राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने सुनियोजित पहल करने जा रहा है। इस हेतु एक कार्यशाला पूर्व में की जा चुकी है, तथा आगे और भी इसी तरह की कार्यशालायें और संगोष्ठियां आयोजित की जायेंगी, तथा उनसे निकलने वाली दिशा पर आगे चलकर यहां के लोक संगीत को आधुनिक संचार माध्यमों के जरिये अमर व गैर कुमाउनी भाषी जन-जन की जुबान पर चढ़ाकर लोकप्रिय करने की है। कुमाऊं विवि के कुलपति प्रो. होशियार सिंह धामी का कहना है कि हर राज्य विश्वविद्यालय का अपने क्षेत्र के परंपरागत ज्ञान, लोक संगीत, संस्कृति को संरक्षित व संवर्धित करने का आधिकारिक तौर पर कार्य (मैन्डेट) होना चाहिये। कुमाऊं विवि ने इसी उद्देश्य से कुमाऊं के लोक संगीत को संरक्षित व संवर्धित करने का अपना ‘मैन्डेट’ तय किया है। उनकी कोशिश होगी कि इस सुनियोजित प्रयास के जरिये गैर कुमाउनी भाषी लोग भी कुमाउनी गीतों को सुनकर वैसे ही कुमाउनी पढ़ने की कोशिश करें, जैसे भूपेन हजारिका के असमी गीतों को सुनकर लोग असमी और रवींद्र नाथ टैगोर के बांग्ला गीतों को सुनकर बांग्ला गीतों को सुनने की कोशिश करते हैं।

पढ़ना जारी रखें “कुमाउनी लोक संगीत को बचाने में जुटेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय”