चार गुने से अधिक बढ़कर पांच अरब हुआ टोकियो ओलंपिक का बजट, पदक पहुंचेंगे दहाई में


राजीव मेहता
राजीव मेहता

51 करोड़ बढ़कर 1592 करोड़ हुआ देश में खेलों का बजट, साई व नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन का बजट भी बढ़ा
नवीन जोशी, नैनीताल। देश में पहली बार केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खेल मंत्री विजय गोयल खेलों के प्रति इतने अधिक गंभीर नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार की पहल पर भारतीय ओलंपिक संघ ने अभी से 2020 के ओलंपिक खेलों की तैयारी शुरू कर दी है। पहली बार ओलिंपिक खेलों का बजट एक बार में पिछले 120 करोड़ की जगह चार गुना से अधिक बढ़ाते हुए 500 करोड़ कर दिया है, वहीं देश में खेलों का कुल बजट भी पिछले वर्ष से 50.87 करोड़ बढ़ाकर 1592 करोड़ कर दिया गया है। इससे उत्तराखंड सहित अभी भी खेलों की मूलभूत ढांचागत सुविधाओं से वंचित एक दर्जन से अधिक राज्यों में खेल सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा। बढ़े हुए खेल बजट से देश में खेल सुविधाएं बढ़ेंगी और आगे टोकियो ओलिंपिक में पदक कम से कम दहाई में पहुचेंगे। उत्तराखंड में 2018 में राष्ट्रीय खेल अपने नियत समय पर होंगे। इनके तहत नैनीताल की नैनी झील में देश की करीब एक दर्जन टीमों को शामिल कर सेलिंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी।

यह बात भारतीय ओलिंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने बुधवार को नैनीताल में बोट हाउस क्लब में एक विशेष भेंट में कही। कहा कि अभी भी 1947 में आजाद हुए सवा अरब से अधिक की जनसंख्या वाले भारत देश में करीब 20 लाख की जनसंख्या पर एक स्टेडियम है, जबकि हर एक लाख पर एक स्टेडियम होना चाहिए। वहीं देश में एस्ट्रोटर्फ युक्त मैदानों की संख्या केवल 117 है, जबकि एक-डेढ़ करोड़ की जनसंख्या वाले और भारत के साथ ही ही आजाद हुए हॉलेंड में 1200 एस्ट्रोटर्फ वाले मैदान हैं। यही स्थिति अर्जेटीना सहित अनेक देशों में है।

राष्ट्रीय सहारा, देहरादून संस्करण, 27 अक्टूबर 2016, पेज-2.

भारत में अब तक पूरे ओलंपिक खेलों का बजट 120 करोड़ था, जबकि इतना बजट तो विदेशों में प्रेक्टिस करने के लिये एक खेल के लिये जरूरी है। इन्ही समस्याओं की वजह से भारत को ओलंपिक में पदकों के लिये तरसना पड़ता है। बताया कि इधर केंद्र सरकार ने ओलंपिक के साथ ही स्पोर्ट्स एथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी साई का बजट भी 12 करोड़ बढ़ाकर 381 करोड़, नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन का 185 से बढ़ाकर 545.90 करोड़ कर दिया है, जिससे खेलों की तैयारियों व नीचे से खिलाड़ियों को आगे लाने में मदद मिलेगी। कहा कि भारत को सुविधाओं में अन्य देशों के बराबर आना पड़ेगा, तभी उनकी तरह पदकों की उम्मीद की जा सकती है। भारत के साथ ही आजाद हुआ दक्षिण कोरिया 2017-18 में शीत ओलिंपिक करा रहा है, और आगे ओलिंपिक कराने की कोशिश में है, जबकि भारत अभी यह सोचने की स्थिति में भी नहीं है। उन्होंने ओलंपिक में खेल मंत्री विजय गोयल के खेल एरीना में पहुंचने संबंधित विवाद में संबंधित खेल अधिकारियों की गलती बताई, वहीं पहलवान नर सिंह यादव के डोपिंग टेस्ट में फंसने के मामले में उम्मीद जताई कि मामले की जांच कर रही सीबीआई दूध का दूध-पानी का पानी करेगी।

भारत का ओलंपिक में अब तक प्रदर्शन

नैनीताल। भारत ने इस वर्ष रियो में हुए ओलंपिक खेलों में केवल एक स्वर्ण व एक रजत सहित कुल दो पदक जीते, जिसके साथ भारत के वर्ष 1900 से शुरू हुए ओलंपिक खेलों में नौ स्वर्ण पदकों सहित कुल 26 पदक हो गये। जबकि अमेरिका के एक दिग्गज खिलाड़ी तैराक माइकल फेल्प्स अकेले ही 25 पदक जीत चुके हैं। इससे पहले भारत ने वर्ष 2012 में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुये दो रजत व चार कांश्य पदक सहित कुल छह पदक जीते थे,  जबकि इससे पूर्व 2008 के बीजिंग ओलंपिक में एक स्वर्ण व दो रजत सहित कुल तीन और 2004 में एथेंस ओलंपिक में केवल एक रजत पदक जीता था । वहीं ओलंपिक में भारत ने सर्वाधिक आठ स्वर्ण, एक रजत व दो कांश्य सहित सर्वाधिक 11 पदक हॉकी में जीते हैं।

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