पोस्टरों में मोदी के काशी की राह चला नैनीताल, तो हंस पड़े मोदी


-दिसंबर-जनवरी माह में काशी में प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर अमिताभ बच्चन की फिल्मों के पोस्टरों की मदद से अभियान के प्रचार की हुई थी पहल, इसे नैनीताल-हल्द्वानी ने भी स्वीकारा
-प्रधानमंत्री मोदी के लिखा- हा हा, स्वच्छता के लिये फिल्मों से विचार लेने का अभिनव प्रयोग
नवीन जोशी, नैनीताल। अच्छा विचार कभी रुकता नहीं, आगे बढ़ता जाता है। बीते दिसंबर-जनवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी-वाराणसी में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किये ‘स्वच्छ भारत अभियान” के ब्रांड एंबेसडर-सदी के महानायक कहे जाने वाले सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की दीवार, शोले, डॉन, सिलसिला व डॉन जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के पोस्टरों और संवादों को थोड़ा बदलकर अभियान के प्रचार के लिये प्रयोग करने का अनूठा प्रयोग किया। यह प्रयोग नैनीताल से होते हुए वापस प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचा तो वे भी मुस्कुराये बिना नहीं रह पाये, और इसे एक अभिनव प्रयोग बताया है।
उल्लेखनीय है कि देश में पिछले कुछ समय से पूरे देश भर में खुले में शौच ना करने की एक मुहिम सी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014में प्रधानमंत्री के गद्दी पर बैठने के बाद गांधी जयंती यानी दो अक्टूबर से ‘स्वच्छ भारत अभियान” की शुरुआत की थी। इसका लक्ष्य वर्ष 2019 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक देश की 1.04 करोड़ लक्षित आबादी को शौचालयों से जोड़कर देश की खुले में शौच की समस्या को खत्म कर देना है। नैनीताल नगर पालिका ने भी इस पहल को अपने यहां प्रयोग किया। नैनीताल में लगे ऐसे फिल्मी पोस्टरों के फोटो इंटरनेट पर वायरल होते हुए मुंबई में रहने वाले लेखक, गायक व संगीतकार आशुतोष साहू को भी पसंद आये तो उन्होंने यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित 1975 में बनी फिल्म दीवार के एक पोस्टर को अपने ‘साहूकर” ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर दिया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘मोदी जी कृपया ध्यान दें, जिसने भी ये पोस्टर तैयार किया किया है वो पुरस्कार का हकदार है।” पोस्टर में फिल्म दीवार में अपराधी बने अमिताभ और पुलिस इंस्पैक्टर बने शशि कपूर अपनी मां बनी निरूपा रॉय को अपने साथ रहने चलने को कहते हैं, जिस पर निरूपा राय को फिल्मी संवाद के इतर कहते दिखाया गया है, ‘नहीं, तो पहले शौचालय बनायेगा, मैं उसके साथ रहूंगी।” ट्वीट के जरिये बात प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंची तो वे भी मुस्कुराये बिना नहीं रह सके, और आशुतोष के ट्वीट को नैनीताल में लगे पोस्टर के साथ रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘हा हा, बॉरोज फ्रॉम सिनेमा टु मेक ए पॉइंट ऑन क्लीनलीनेस, इनोवेटिव” यानी, ‘स्वच्छता के लिये फिल्मों से विचार लेने का अभिनव प्रयोग”। यह पहल करने वाले नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया कि उन्होंने हल्द्वानी नगर निगम के साथ ऐसे 14-15पोस्टर तैयार करवाकर नगर के प्रमुख स्थानों पर लगाये हैं।

मुहिम के पोस्टरों से धरातल पर उतरने की जरूरत

नैनीताल। नैनीताल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार में पोस्टरों के स्तर पर तो मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का अनुकरण कर लिया है। लेकिन यह कहना भी गलत नहीं होगा कि पहले से ही सफाई के प्रति काफी संवेदनशील रहे इस नगर में वाराणसी के घाटों की तरह नगर की विश्व प्रसिद्ध नैनी झील के घाटों, यहां गिरने वाले नालों की भी सफाई किये जाने की जरूरत है। नैनी झील के लिये पानी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण नगर की धमनियां कहे जाने के बावजूद गंदगी से पटे नाले और नगर भर में आवारा कुत्तों की फैली पड़ी गंदगी के ढेर भी शर्मशार करने वाले हैं। इधर स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने नालों की सफाई से अपने कार्यों की शुरुआत कर एक संदेश दिया है, जो बेहतर भविष्य की उम्मीद जताने वाला है।

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विश्व व भारत में रेडियो-टेलीविज़न का इतिहास तथा कार्यप्रणाली


जब से मानव पृथ्वी पर आया है, तभी से वह स्वयं को भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करता रहा है। प्रारम्भ में वह संकेतों या ध्वनि के माध्यम से अपनी बात दूसरों तक पहुँचाता रहा, समय बीतते उसने भाषा की खोज की और आसानी से अपनी बात कहने लगा। जैसे-जैसे मानव का विकास होता गया उसने परिवार बसाया, समाज का अंग बना। फिर उसकी दुनिया और बड़ी होती चली गई, और उसे अपनी बात ज्यादा दूर तक पहुँचाने की जरूरत पड़ने लगी। मनुष्य में अपनी आवाज को दूर तक पहुँचाने की चाह न जाने कब से रही है, और न … पढ़ना जारी रखें विश्व व भारत में रेडियो-टेलीविज़न का इतिहास तथा कार्यप्रणाली

500-1000 नोट बंदी से देश में साम्यवाद और रामराज साथ-साथ !


2009 में नैनीताल में जनसभा को संबोधित करते नरेन्द्र मोदी
2009 में नैनीताल में जनसभा को संबोधित करते नरेन्द्र मोदी

एक 9/11  (यानी 11 सितंबर 2001) को हुए आतंकवादी हमले से न सिर्फ यह महाशक्ति अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ‘ट्विन टावर्स’ पर हुए आतंकवादी हमले से दहल गई थी। वहीँ इस 9/11  यानी नौ सितम्बर 2016 को भी वाकई बड़ा अद्भुत हुआ है। यहाँ भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवम्बर की रात (इससे पूर्व 28 सितम्बर 2016 की रात्रि पाक अधिकृत कश्मीर में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक की तर्ज पर,) काले धन पर ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ की तो वहां अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ‘वर्ल्ड आर्डर’ को बदलते हुए राष्ट्रपति निर्वाचित हो गए।

कुछ भी कहिये, आज देश में साम्यवाद आ गया..
सबकी जेब में बराबर पैसे ! 😄

आज देश में रामराज भी आ गया !
जेल के दरवाजे भी खोल दो तो कोई बाहर जाने को तैयार नहीं 😜
तिजोरी खोल कर रख दो, कोई लूटने को तैयार नहीं 😝 पढ़ना जारी रखें “500-1000 नोट बंदी से देश में साम्यवाद और रामराज साथ-साथ !”