गंगा-यमुना के बाद ग्लेशियर, नदी, नाले, झील, जंगल, चरागाह भी अब ‘जीवित मानव’


गंगा माता की आरती के लिए चित्र परिणाम-उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक और एतिहासिक फैसला देते हुए गंगा-यमुना के बाद गंगोत्री, यमुनोत्री सहित नदी, नालों, झीलों, जंगलों, चरागाहों को भी जीवित मानव का दर्जा दिया

– भारतीय मिथकों की कण-कण में ईश्वर होने की परिकल्पना पर लगी एक तरह से मुहर
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने एक और एतिहासिक फैसला देते हुए गंगा और यमुना नदियों के बाद अब इनके उद्गम स्थलों-गंगोत्री व यमुनोत्री सहित ग्लेशियरों के साथ ही नदियों, छोटी नदियों, घाटियांे, जल धाराओं, ग्लेशियरों, झीलों, हवा, घास के मैदानों, जंगलों, जंगली जलराशियों व झरने इत्यादि को कानूनी वैधता, कानूनी तौर पर जीवित मनुष्य का दर्जा दे दिया है। इन्हें एक कानूनी तौर पर जीवित व्यक्ति की तरह सभी संबंधित मौलिक व कानूनी अधिकार होंगे, साथ ही इनके जीवित मनुष्य की तरह दायित्व और जिम्मेदारियां भी होंगी।

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क्या आपको पता है कौन हैं नैनीताल के पहले ओलंपियन ?


UR2YCD7HJ32gdD5eh1TJ43UQऑस्ट्रेलिया के लिये खेले नैनीताल के पहले ओलंपियन रेमंड, यह ऑस्ट्रेलिया का हॉकी में पदार्पण ओलंपिक भी था 

-कहा-शेरवुड से मिले हॉकी खेलने के ज्ञान और प्रोत्साहन से ही खेल पाये ऑस्ट्रेलिया का हॉकी में पहला ओलंपिक

रेमंड वाइटफील्ड व कोलीन.

सहारा न्यूज ब्यूरो। नैनीताल। बुधवार का दिन शेरवुड कॉलेज के साथ ही यहां के 1941 से 1947 तक छात्र रहे आस्ट्रेलिया के उद्योगपति व पूर्व में देश के लिये हॉकी में पहला ओलंपिक खेली टीम के सदस्य रहे रे ह्वाइटफील्ड के लिये स्मरणीय दिन रहा। अपनी जड़ों को खोजते हुए पत्नी कोलीन के साथ रे के अपने विद्यालय पहुंचने से खुलासा हुआ कि वास्तव में रे नैनीताल से निकले पहले ओलंपिक खिलाड़ी थे, जो आस्ट्रेलिया के लिये हॉकी में पहले ओलंपिक मैच के खिलाड़ी रहे थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में हॉकी के विश्व विजेता, लगातार आठ स्वर्ण पदक हासिल करने वाले भारत की इस धरती से ही उनके भीतर हॉकी का प्रवेश हुआ था, जिसे उन्होंने आस्ट्रेलिया जाकर आगे बढ़ाया और इस मुकाम पर पहुंचे। उल्लेखनीय है कि नैनीताल ने बाद के वर्षों में दो ओर ओलंपियन राजेंद्र रावत और सैयद अली देश को (दोनों हॉकी में ही) दिये।

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