500-1000 नोट बंदी से देश में साम्यवाद और रामराज साथ-साथ !


2009 में नैनीताल में जनसभा को संबोधित करते नरेन्द्र मोदी
2009 में नैनीताल में जनसभा को संबोधित करते नरेन्द्र मोदी

एक 9/11  (यानी 11 सितंबर 2001) को हुए आतंकवादी हमले से न सिर्फ यह महाशक्ति अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ‘ट्विन टावर्स’ पर हुए आतंकवादी हमले से दहल गई थी। वहीँ इस 9/11  यानी नौ सितम्बर 2016 को भी वाकई बड़ा अद्भुत हुआ है। यहाँ भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवम्बर की रात (इससे पूर्व 28 सितम्बर 2016 की रात्रि पाक अधिकृत कश्मीर में की गयी सर्जिकल स्ट्राइक की तर्ज पर,) काले धन पर ‘आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक’ की तो वहां अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ‘वर्ल्ड आर्डर’ को बदलते हुए राष्ट्रपति निर्वाचित हो गए।

कुछ भी कहिये, आज देश में साम्यवाद आ गया..
सबकी जेब में बराबर पैसे ! 😄

आज देश में रामराज भी आ गया !
जेल के दरवाजे भी खोल दो तो कोई बाहर जाने को तैयार नहीं 😜
तिजोरी खोल कर रख दो, कोई लूटने को तैयार नहीं 😝 पढ़ना जारी रखें “500-1000 नोट बंदी से देश में साम्यवाद और रामराज साथ-साथ !”

सर्जिकल स्ट्राइक : जिसे सबूत चाहिए , यहाँ देखे


सर्जिकल स्ट्राइक : पक्के वैज्ञानिक http://tpc.googlesyndication.com/safeframe/1-0-5/html/container.html#xpc=sf-gdn-exp-1&p=http%3A//m.navbharattimes.indiatimes.comसबूत हैं, मगर देंगे नहीं !

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राष्ट्रीय सहारा 06 अक्टूबर 2016

-वैज्ञानिकों ने कहा भारत उपग्रह आधारित सुदूर संवेदी में विश्व में अग्रणी, मगर पाकिस्तान कहीं ठहरता नहीं, सामरिक दृष्टिकोण से सबूत देना हो सकता है आत्मघाती
नवीन जोशी, नैनीताल। बीती 29 मई को भारतीय सेना द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर में किये गये ‘सर्जिकल स्ट्राइक” के बाद देश के चंद नेताओं द्वारा सबूत मांगने की स्थितियों के बीच वैज्ञानिक पूरी तरह सेना की कार्रवाई के साथ ही सेना व सरकार के पास कार्रवाई के पक्के वैज्ञानिक सबूत होने के प्रति भी मुतमईन हैं। बहुत संभावना है कि यह सबूत मानव द्वारा की गई फोटोग्राफी या वीडियो ग्राफी से इतर उपग्रह आधारित पृथ्वी पर निगरानी रखने वाले उपकरणों आधारित सुदूर संवेदी यानी रिमोट सेंसिंग के भी हो सकते हैं, जिसमें भारत विश्व में अग्रणी है। भारत अंतरिक्ष में पृथ्वी की कक्षा में मौजूद अपने उपग्रहों से एक फिट तक के रिजोल्यूशन के फोटो और वीडियो खींचने में सक्षम हैं। अलबत्ता, यह सबूत किसी भी कीमत पर, नेताओं के कैसे भी आरोप-प्रत्यारोपों के बावजूद सार्वजनिक नहीं किये जा सकते हैं, क्योंकि इनसे देश की सामरिक रणनीति आदि बेपर्दा हो सकती है, और यह देश की सुरक्षा के लिये आत्मघाती हो सकता है। पढ़ना जारी रखें “सर्जिकल स्ट्राइक : जिसे सबूत चाहिए , यहाँ देखे”

UKSSC : कामयाबी की कहानी में चला पापा के नाम का जादू !


  • मेरिट में सफल कई परीक्षार्थियों के पिता के नाम समान
  • समूह ग की परीक्षा का परिणाम 23 दिन में ही आ गया
  • भाग्यशाली साबित हुए संग्राम, लियाकत, विनोद, विजयपाल नाम वालों के बच्चे

नवीन जोशी, नैनीताल। यों सभी के “पापा कहते हैं बेटा बड़ा नाम करेगा”, और यदि पिता बड़े नाम के हों, तो भी उनके नाम का लाभ उनके बच्चों को मिलता है। लेकिन शायद ऐसा इत्तफाक कम ही हुआ हो कि एक नाम के पिताओं के बेटे ही दो जगह से किसी परीक्षा में ‘टॉप’ करें। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत समूह ग के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पदों के लिए हुई परीक्षा में ऐसा इत्तफ़ाक या कहें कि कमाल देखने को मिला है। वह भी एक नहीं कई पिता नामों के साथ, और दो नहीं तीन-तीन परीक्षा प्रतिभागियों के साथ, जिनके पिता के नाम समान हैं । पढ़ना जारी रखें “UKSSC : कामयाबी की कहानी में चला पापा के नाम का जादू !”

ऐतिहासिक भवाली सेनिटोरियम को लगाया 22 लाख का ‘चूना’


  • भवाली सेनिटोरियम में लघु निर्माण मद में अलग-अलग भागों में 11 लाख एवं अनुरक्षण मद में रंगाई-पुताई पर 11 लाख के घोटाले का अंदेशा
  • महानिदेशक के आदेशों पर स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं की जांच में सेनिटोरियम की तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक सहित तीन अधिकारियों को उत्तरदायी बताते हुये की गई है विशेष जांच की संस्तुति
  • गठिया के पूर्व ग्राम ट्रेवोर मेसी व नैनीताल के पूर्व सभासद संजय साह द्वारा सूचना के अधिकार के तहत ली गयी जानकारी में हुआ खुलासा 

नवीन जोशी, नैनीताल। जनपद में एनआरएचएम के बाद भवाली स्थित ऐतिहासिक टीबी सेनीटोरियम में पिछले वित्तीय वर्ष 2014-15 में 22 लाख रुपये के कार्यों में घोटाले का नया मामला प्रकाश में आया है। प्रदेश की स्वास्थ्य महानिदेशक के आदेशों पर स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं डा. गीता शर्मा द्वारा की गई जांच सूचना के अधिकार के तहत उजागर हुई है। जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर इस धनराशि से हुये रंगाई-पुताई व अन्य लघु निर्माण के कार्यों को गैर तर्कसंगत तरीके से गैंग मजदूरों से बिना आगणन गठित किये करने व बिलों का सत्यापन किसी अभियंता से न कराये जाने का हवाला देते हुये कहा गया है कि तत्कालीन प्रमुख अधीक्षक डा. तारा आर्या, सहायक अधीक्षक केएल गौतम और प्रधान सहायक डीडी पांडे उत्तरदायी प्रतीत होते हैं, लिहाजा मामले में विशेष सम्प्रेक्षा की संस्तुति की गई है। इसके अलावा आगे ऐसे कार्यों में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाये जाने की भी संस्तुति की गई है।

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नैनीताल एनआरएचएम में घोटाले की बू !


  • प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव को किया निर्देशित
  • नैनीताल डीएम के आदेश पर दिसंबर 2014 में संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर से की गयी प्रारंभिक जांच में 4.67 करोड़ रुपये के दुर्विनियोग एवं एक करोड़ रुपये की शासकीय क्षति पहुंचाने का है रिपोर्ट में उल्लेख

नवीन जोशी, नैनीताल। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नैनीताल जनपद के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्य मिशन एवं राष्ट्रीय शिशु स्वास्य कार्यक्रम के बाबत संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर पर हुई एक जांच में उजागर हुए तथ्यों के आधार पर मिली एक शिकायत पर संज्ञान लिया है, और राज्य के मुख्य सचिव से इस मामले में आवेदक की शिकायत पर कार्रवाई करने एवं कृत कार्रवाई से आवेदक को अवगत कराने एवं वेब पोर्टल पर भी जानकारी सार्वजनिक करने के आदेश दिये हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मिशन के तहत खातों में चार करोड़ 67 लाख 39 हजार 389 रुपये अधिक दिखाये गये हैं, तथा नौ लाख 53 हजार 563 रुपये से अधिक की शासकीय कोष को क्षति पहुंचाने की बातें कही गयी हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायतकर्ता के वाहन भी चलते रहे हैं, तथा इसी सम्बन्ध में चेकों से छेड़छाड़ के आरोप में शिकायतकर्ता के घर की कुर्की हो चुकी है।

राष्ट्रीय सहारा 14 फरवरी 2016
राष्ट्रीय सहारा 14 फरवरी 2016

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नैनीताल से सांसद बनना चाहता था दिल्ली में कारतूसों के साथ पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर फईम


Faiem Miyanनैनीताल लोकसभा सीट से भरा था 2014 में परचा, पोल खुलने पर पीस पार्टी ने नहीं दिया टिकट , बरेली के थाना किला व बारादरी में हत्या सहित 14 केस दर्ज हैं फईम पर’ उसके आतंकवादी संबंधों की पड़ताल भी की जा रही है। भवाली व हल्द्वानी में लम्बे समय अपनी पहचान छुपाकर रह चुका है, प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में भी रहा है सक्रिय। 

नैनीताल। रविवार (19.01.2015) को दिल्ली में चल रही दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र दिवस तथा दुनिया के सबसे बड़े मेहमान, अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत की तैयारियों के बीच दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों को 1000 से अधिक कारतूसों के साथ पकड़ा है। पकड़े गए लोगों में बरेली, उत्तर प्रदेश निवासी फईम मियां उर्फ बंटी भी शामिल है, जिसने दिल्ली पुलिस को अपना पता घोड़ाखाल रोड नैनीताल बताया है। फईम ने 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में संसद में पहुंचने का ख्वाब देखा था। उसने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से खुद को पीस पार्टी का प्रत्याशी बताते हुए लोकसभा के लिए नामांकन भी कराया था।  इस दौरान उसकी कलई खुल जाने से पीस पार्टी ने उसे टिकट नहीं दिया। इससे उसका परचा निरस्त हो गया। पढ़ना जारी रखें “नैनीताल से सांसद बनना चाहता था दिल्ली में कारतूसों के साथ पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर फईम”

नैनीताल में ‘ग्रीन’ नाम की आढ़ में ‘काला’ खेल


आयकर विभाग का चार रिजॉर्ट्स में छापा, छापे में 14 करोड़ की कर चोरी उजागर

नैनीताल। आयकर विभाग ने बुधवार को नैनीताल मुख्यालय और निकटवर्ती भवाली में बन रहे चार रिजॉर्ट्स में छापेमारी की कार्रवाई की। चारों रिजॉर्ट्स के नाम में ‘ग्रीन’ शब्द शामिल है और चारों में विभाग ने 14 करोड़ रुपये की कर चोरी के मामले होने की संभावना जताई है। चारों जगह छापेमारी सुबह 10 बजे से एक साथ की गई। इनमें से दो निर्माणकर्ताओं ने पिछले दो वर्ष से अपने आयकर रिटर्न दाखिल ही नहीं किए हैं। पढ़ना जारी रखें “नैनीताल में ‘ग्रीन’ नाम की आढ़ में ‘काला’ खेल”

एरीज में रिकार्ड 16 वर्ष लंबी सल्तनत रही है विवादित निदेशक प्रो. रामसागर की


Pr. Ram Sagar
Pr. Ram Sagar

-१९९६ से २०१२ तक उत्तर प्रदेश राजकीय वेधशाला के उत्तराखंड वेधशाला और एरीज बनने के बाद तक रहा निदेशक के रूप में सर्वाधिक लंबा कार्यकाल
नवीन जोशी, नैनीताल। सूर्य एवं चांद सितारों के प्रेक्षण, वायुमंडलीय एवं मौसमी शोधों के साथ देश की सबसे बड़ी ३.६ मीटर व्यास की दूरबीन स्थापित करने और दुनिया की सबसे बड़ी ३० मीटर व्यास की दूरबीन में सहभागिता के लिए पहचाने जाने वाला एरीज यानी आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान इस बार अपने पूर्व निदेशक प्रो. रामसागर २००८ के एक मामले में सीबीआई द्वारा की गई जांच के बाद जेल जाने को लेकर सुर्खियों में है। उन्होंने मंगलवार को देहरादून स्थित सीबीआई अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।

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इतिहास होने की ओर शेरशाह सूरी के जमाने की ‘गांधी पुलिस’ पर अब ‘नो वर्क-नो पे’ की तलवार


08NTL-5पटवारियों के लिए ‘नो वर्क-नो पे’ लागू करने में सरकार भी आएगी कटघरे में

-‘तदर्थ” आधार पर चल रही प्रदेश की राजस्व व्यवस्था
नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजों से भी पहले मुगल शासक शेर शाह सूरी के शासनकाल से देश में शुरू हुई और खासकर उत्तराखंड में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर से सफलता से चल रही ‘गांधी पुलिस” के रूप में शुरू हुई राजस्व पुलिस व्यवस्था कमोबेश ‘तदर्थ” आधार पर चल रही है। प्रदेश के संपूर्ण राजस्व क्षेत्रों में पुलिस कार्य संभालते आ रहे पटवारियों ने बीते वर्ष दो अक्टूबर से पुलिस कार्यों का बहिस्कार किया हुआ है, जबकि उनसे ऊपर के कानूनगो, नायब तहसीलदार व तहसीलदार के अधिसंख्य पद रिक्त हैं। और जो भरे हैं वह, तदर्थ आधार पर भरे हैं। शुक्रवार (22.01.2015) को उत्तराखंड सरकार के इस मामले में पटवारियों के लिए ‘नो वर्क-नो पे” की कार्रवाई करने के फरमान से व्यवस्था की कलई खुलने के साथ ही सरकार की कारगुजारी भी सामने आने की उम्मीद बनती नजर आ रही है।
कुमाऊं मंडल की बात करें तो यहां 325 लेखपालों में से 204 एवं पटवारियों के 410 पदों में से 82 रिक्त हैं। आज से भी उनकी भर्ती की कवायद शुरू हो तो वह 30 जून 2016 के बाद ही मिल पाएंगे, और तब तक रिक्तियां क्रमश: 212 और 123 हो जानी हैं। इसी तरह नायब तहसीलदारों के 60 में से 14 तथा तहसीलदारों के 49 में से 33 पद रिक्त पड़े हैं। यही नहीं इन पदों पर जो लोग कार्यरत हैं, वह भी पिछले दो वर्ष से डीपीसी न हो पाने के कारण तदर्थ आधार पर कार्य करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि उनकी तदर्थ नियुक्ति में डीपीसी होने पर दो वर्ष पुरानी ही तिथि से नियुक्ति माने जाने का उल्लेख है, किंतु इस दौरान नई नियुक्ति पर आए कर्मी उन्हें खुद से जूनियर बता रहे हैं। ऐसे में उनका मनोबल टूट रहा है। प्रदेश में 2006 से पटवारियों की नई भर्तियां नहीं हुई हैं, जबकि इनका हर वर्ष, अगले दो वर्ष की रिक्तियों का पहले से हिसाब लगाकर भर्ती किये जाने का प्राविधान है।

पूर्व आलेख: अब पटवारी खुद नहीं चाहते खुद की व्यवस्था, चाहते हैं पुलिस की तरह थानेदार बनना

-1857 के गदर के जमाने से चल रही पटवारी व्यवस्था से पटवारी व कानूनगो पहले ही हैं विरत
-पहले आधुनिक संसाधनों के लिए थे आंदोलित, सरकार के उदासीन रवैये के बाद अब कोई मांग नहीं
-हाईटेक अपराधियों और सरकार की अनसुनी के आगे हुए पस्त
नवीन जोशी, नैनीताल। अंग्रेजों से भी पहले मुगल शासक शेर शाह सूरी के शासनकाल से देश में शुरू हुई और उत्तराखंड में खासकर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर से सफलता से चल रही ‘गांधी पुलिस” व्यवस्था बीती दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन से कमोबेश इतिहास ही बन गई है। पूरे देश से इतर राज्य के 65 फीसदी पर्वतीय हिस्से में राजस्व संबंधी कार्यों के साथ ही अपराध नियंत्रण और पूर्व में वन संपदा की हकदारी का काम भी संभालने वाले पटवारियों ने अपने बस्ते अपने जिलों के कलक्ट्रेटों में जमा करा दिए हैं, और मौजूदा स्थितियों में खुद भी अपनी व्यवस्था के तहत कार्य करने से एक तरह से हाथ खड़े कर दिए हैं। सवालिया तथ्य यह भी है कि इतनी बड़ी व्यवस्था के ठप होने के बावजूद शासन व सरकार में इस मामले में कोई हरकत नजर नहीं आ रही है।

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नैनीताल में 66 फीसद प्रतिष्ठान बिना कर्मचारी के !


Rashtriya Sahara-8.9.14
Rashtriya Sahara-8.9.14

-आठ होटलों व 29 रेस्टोरेंटों में मालिक खुद ही परोसते हैं भोजन और खुद ही उठाते हैं जूठन
-श्रम विभाग से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में मिली अजब-गजब जानकारी
नवीन जोशी, नैनीताल। क्या कोई सोच सकता है कि पर्यटकों को विश्व स्तरीय सुविधाएं दिलाते हुए आकर्षित करने वाली सरोवरनगरी में 66 फीसद प्रतिष्ठान बिना कर्मचारियों के ही चल रहे हैं। मजे की बात यह भी है कि इनमें नगर के आठ प्रतिष्ठित होटल और 29 रेस्टोरेंट भी शामिल हैं, जिनके मालिकों ने श्रम विभाग में जानकारी दी है कि उनके यहां एक भी कर्मचारी कार्यरत नहीं है। यानी वह खुद ही ग्राहकों के लिए भोजन तैयार करते हैं, उसे खुद ही परोसते हैं, खुद ही जूठन उठाते हैं और फिर सैलानियों के लिए बिस्तर भी खुद ही बिछाते हैं।

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बलात्कार, मीडिया, सरकार, समाज और समाधान..


27NTL-5दिल्ली गैंग रेप कांड के बाद तो दावा किया गया था-जाग गया है पूरा देश !

फिर क्यों नहीं रुक रहे बलात्कार, क्यों हुई बुलंदशहर काण्ड की हैवानियत ?

दिल्ली गैंग रेप कांड और इसके बाद जो कुछ भी हुआ है, वह कई मायनों में अभूतपूर्व है। इस नृशंशतम् घटना के बाद कहा जा रहा था कि देश ‘जाग’ गया है, 125 करोड़ देशवासी जाग गए हैं, लेकिन सच्चाई इसके कहीं आसपास भी नहीं है। सच्चाई यह है दिल्ली गैंग रेप कांड के बाद भी ऐसे नृशंशतम मामलों का अंतहीन सिलसिला, बदायूं रेप कांड, लालकुआं, रामनगर, शीशमहल हल्द्वानी और अब 29 जुलाई 2016 की  रात्रि बुलन्दशहर के निकट एनएच-91 पर पिता के समक्ष पत्नी व नाबालिग बेटी के साथ हुई वहशियाना घटनाओं के साथ जारी है। सच यही है-न देश अन्ना के आंदोलन के बाद जागा था, और न ही अब जागेगा। हमारी आदत है, हम आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ आराम तलब होते चले जा रहे है। हम पहले जागते नहीं, और कभी

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उत्तर प्रदेश में आपका स्वागत है !

देर से जाग भी गए, तो वापस जल्दी ही सो भी जाते हैं। यदि जाग गए होते तो दिल्ली की घटना के ठीक बाद बस से नग्नावस्था में फेंके गए युवक व युवती को यूं घंटों खुद को लपेटने के लिए कपड़े की गुहार लगाते हुए घंटों वहीं नहीं पड़े रहने देते। और तब ना सही, करोड़ों रुपए की मोमबत्तियां जलाने-गलाने के बाद ही सही, जाग गये होते तो अब देश में कोई बलात्कार न हो रहे होते, जितने लोग शीशमहल कांड की पीड़िता के बलात्कारी हत्यारे को सरेआम फांसी पर लटकाने और तड़फा-तड़फा कर मारने के कमेंट कर और मार्च निकालने को आगे आये, उसके एक फीसद से भी कम, कुछ सौ लोग भी यदि घटना के तत्काल बाद आस-पास 100-500 मीटर के दायरे में बच्ची की तलाश में जुटते तो आज इस सब की जरूरत ही न पड़ती। बुलंदशहर के साथ ऐसी अमानवीय घटनाओं का अबाध सिलसिला जारी न रहता। पढ़ना जारी रखें “बलात्कार, मीडिया, सरकार, समाज और समाधान..”