कला की नगरी नैनीताल में नाटक परंपरा का इतिहास


आगे 1938 में चंद्र लाल साह के द्वारा नगर में आधुनिक रंगमंचीय परंपरा की नींव के रूप में शारदा संघ की स्थापना की गयी। शारदा संघ के द्वारा 1938 से […]

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इटली के ‘ऑर्डर ऑफ स्टार अवार्ड’ से सम्मानित होंगे नैनीताल के अनुपम


-भारत में कला एवं संस्कृति के संरक्षण के साथ ही देश-विदेश में तकनीक के आदान-प्रदान के लिये कला संरक्षकों को मिलेगी अमेरिकी भारतीय फेलोशिप नवीन जोशी, नैनीताल। नैनीताल की कला एवं […]

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कुमाउनी लोक संगीत को बचाने में जुटेगा कुमाऊं विश्वविद्यालय


कुमाऊं विवि ने बनाया कुमाऊं के लोक संगीत को अपना ‘मैन्डेट’ -कुमाऊं के परंपरागत लोकगीतों न्यौली, छपेली, चांचरी व शगुराखरों आदि को उनके मूल स्वरूप में आगे लाने, कुमाउनी संगीत […]

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भद्रकालीः जहां वैष्णो देवी की तरह त्रि-पिंडी स्वरूप में साथ विराजती हैं माता सरस्वती, लक्ष्मी और महाकाली


ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।। कहते हैं आदि-अनादि काल में सृष्टि की रचना के समय आदि शक्ति ने त्रिदेवों-ब्रह्मा, विष्णु व महेश […]

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पर्यटन, हर्बल के बाद अब जैविक प्रदेश बनेगा उत्तराखंड


-प्रदेश के जैविक उत्पादों का बनेगा अपना राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ब्रांड -उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के प्रस्ताव को मुख्य मंत्री ने दी हरी झंडी -राज्य में ही पहली बार लगने जा […]

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कैंची धाम से निकली थी एप्पल और फेसबुक की तरक्की और ओबामा की जीत की राह


-सिलिकॉन वैली में जुकरबर्ग ने मोदी से किया था इस मंदिर का जिक्र, कहा था-फेसबुक को खरीदने के लिए फोन आने के दौर में इस मंदिर ने दिया था परेशानियों […]

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कुमाऊं में परंपरागत ‘जन्यो-पुन्यू’ के रूप में मनाया जाता है रक्षाबंधन


वैश्वीकरण के दौर में लोक पर्व भी अपना मूल स्वरूप खोकर अपने से अन्य बड़े त्योहार में स्वयं को विलीन करते जा रहे हैं। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के पर्वतीय […]

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