उत्तराखंड के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सीएम कैंडीडेट के तौर पर पसंद हो सकते हैं पूर्व नौकरशाह सूर्यप्रताप सिंह


  • कैग में एकमात्र आईएएस अधिकारी के तौर पर भी हैं तैनात, प्रधानमंत्री मोदी हैं इनकी इमानदारी से प्रभावित और उनके करीब भी हैं सिंह
  • बेहद चर्चित आईएएस अधिकारी रहे हैं एसपी सिंह, नैनीताल व हल्द्वानी में रहा 90 के दशक में जलवा, जीएमवीएन के एमडी भी रहे
  • भाजपा उत्तराखंड के साथ ही यूपी में भी कर सकती है उपयोग, हल्द्वानी और अयोध्या सीट से चुनाव लड़ने की संभावना
  • आरएसएस के साथ ही यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं

नवीन जोशी, नैनीताल। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारी बहुमत से सत्तारूढ़ होने के बाद से हुए कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा अनपेक्षित निर्णय करती रही है, और बिहार व दिल्ली को छोड़कर उसके ये निर्णय सफल भी रहे हैं। ऐसे ही किसी निर्णय की उत्तराखंड में भी पार्टी रणनीति बना सकती है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री के करीबी, कैग में तैनात एकमात्र प्रशासनिक अधिकारी, 1982 बैच के आईएएस अधिकारी, पूर्ववर्ती यूपी के दौर में 1990 के दशक में तत्कालीन नैनीताल जनपद (वर्तमान ऊधमसिंह नगर जनपद भी शामिल) के डीएम रहते उस दौर में भी मजबूत व राज्य की मौजूदा काबीना मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश से टकराने तथा गढ़वाल में जीएमवीएन के एमडी रहते गढ़वाल में एक तत्कालीन मंत्री (जिनके पुत्र वर्तमान में भी मंत्री हैं) के ससुर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बेहद दबंग और चर्चित रहे आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह भाजपा में शीघ्र शामिल हो सकते हैं, और आगामी विस चुनावों में पहले से घोषित अथवा बाद में मुख्यमंत्री के रूप में पेश किये जा सकते हैं। हालांकि बकौल सिंह अभी तक उनकी भाजपा नेताओं से कोई बात नहीं हुई है, और वे यह भी मानते हैं कि किसी भी दल के नेता उन्हें स्वीकार नहीं कर पाएंगे। लेकिन उन्होंने इतना स्पष्ट कहा कि वे उनके एजेंडे को स्वीकार करने वाले किसी भी दल में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे केवल विधायक बनने या सत्ता का आनंद प्राप्त करने के लिये नहीं वरन राजनीति में सुधार करने, समाज के लिये कुछ बेहतर करने के लिये राजनीति में आना चाहते हैं। उनकी ख्वाहिश है कि शिक्षा या किसी क्षेत्र विशेष में मौका मिले तो वे उसे सुधार कर रख दें। उन्होंने यूपी में सपा व बसपा को सांपनाथ व नागनाथ की संज्ञा देने के साथ भाजपा व प्रधानमंत्री मोदी के विचारों के प्रति स्पष्ट तौर पर झुकाव भी प्रदर्शित किया है।
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“जो जावत के बाद फिर-फिर आवत है, वो हरीश रावत है”


बचपन में पढ़ी संस्कृत की कहानी पुर्नमूषको भव: 24 घंटे से भी कम समय के लिए दुबारा सीएम बने हरीश रावत पर कमोबश सही बैठी, इस तरह संभवतया उन्होंने एक दिन के लिए सीएम बने जगदंबिका पाल का रिकॉर्ड भी शायद तोड़ दिया। लगने लगा था कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद दुबारा मुख्यमंत्री बनने की जल्दबाजी ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। लगा, बिना हाईकोर्ट के आदेश की लिखित कॉपी के मुख्यमंत्री बनने और रात्रि में ही आनन-फानन में कैबिनेट की बैठक कर उन्होंने 11 महत्वपूर्ण फैसले लेकर अपने पक्ष को और कमजोर कर दिया है। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हरीश रावत बदले राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ फिर से मुख्यमंत्री बन गए, और सदन में अपना बहुमत भी साबित कर लिया। इस पर कहा जाने लगा, “जो आवत है-वो जावत है। पर जो जावत के बाद फिर-फिर आवत है, वो हरीश रावत है”। रावत ने इस बार ही नहीं, पूर्व में तीन बार अल्मोड़ा से लोकसभा का चुनाव स्वयं और फिर अपनी पत्नी को भी न जीता पाने के बाद, राजनीतिक रूप से ‘चुक’ जाने की चर्चाओं के बाद पुनः लौटते हुए हरिद्वार से न केवल जीत दर्ज की, वरन केन्द्रीय मंत्री और फिर उत्तराखंड के मंत्री भी बन गए।

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नैनीताल एनआरएचएम में घोटाले की बू !


  • प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव को किया निर्देशित
  • नैनीताल डीएम के आदेश पर दिसंबर 2014 में संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर से की गयी प्रारंभिक जांच में 4.67 करोड़ रुपये के दुर्विनियोग एवं एक करोड़ रुपये की शासकीय क्षति पहुंचाने का है रिपोर्ट में उल्लेख

नवीन जोशी, नैनीताल। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नैनीताल जनपद के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्य मिशन एवं राष्ट्रीय शिशु स्वास्य कार्यक्रम के बाबत संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर पर हुई एक जांच में उजागर हुए तथ्यों के आधार पर मिली एक शिकायत पर संज्ञान लिया है, और राज्य के मुख्य सचिव से इस मामले में आवेदक की शिकायत पर कार्रवाई करने एवं कृत कार्रवाई से आवेदक को अवगत कराने एवं वेब पोर्टल पर भी जानकारी सार्वजनिक करने के आदेश दिये हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार मिशन के तहत खातों में चार करोड़ 67 लाख 39 हजार 389 रुपये अधिक दिखाये गये हैं, तथा नौ लाख 53 हजार 563 रुपये से अधिक की शासकीय कोष को क्षति पहुंचाने की बातें कही गयी हैं। उल्लेखनीय है कि इस मामले में शिकायतकर्ता के वाहन भी चलते रहे हैं, तथा इसी सम्बन्ध में चेकों से छेड़छाड़ के आरोप में शिकायतकर्ता के घर की कुर्की हो चुकी है।

राष्ट्रीय सहारा 14 फरवरी 2016
राष्ट्रीय सहारा 14 फरवरी 2016

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पीसी तिवारी का मुख्यमंत्री हरीश रावत के नाम जेल से खुला ख़त


हरीश रावत
हरीश रावत

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री हरीश रावत जी,
उत्तराखण्ड सरकार,
देहरादून।

माननीय मुख्यमंत्री जी,
एक स्थानीय चैनल ईटीवी पर कल रात व आज सुबह पुनः नानीसार पर आपका विस्तृत पक्ष सुनने का मौका मिला। आपकी इस मामले में चुप्पी टूटने ये यह साबित हुआ कि उत्तराखण्ड में संघर्षरत जनता की आवाज आपकी पार्टी की सियासी सेहत को नुकसान पहुंचाने लगी है।

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तीन करोड़ प्रवासी उत्तराखंडियों की ‘घर वापसी’ कराएगा आरएसएस !


-प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विदेशों में बसे भारतवंशियों से किए जा रहे आह्वान की तर्ज पर उत्तराखंडियों से किया जाएगा वर्ष में एक सप्ताह अपने गांव आने का आह्वान करते हुए शुरू की ‘मेरा गांव-मेरा तीर्थ’ योजना
-संघ ने इस कार्य हेतु 670 गांवों में तैनात कर दिए हैं संयोजक
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड राज्य की वर्ष 2011 में हुई जनगणना में आबादी एक करोड़ एक लाख 16 हजार 752 है, लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का दावा है कि इससे तीन गुना उत्तराखंडी पलायन कर चुके हैं। इनमें से 30-35 लाख उत्तराखंडी प्रवासी तो अकेले दिल्ली में ही हैं, जबकि अमेरिका, जापान, यूएई सहित दुनिया भर में फैले हुए हैं। जापान जैसे छोटे देश में भी संघ के अनुसार करीब 35 हजार उत्तराखंडी रहते हैं। संघ अब इन लोगों को वर्ष में कम से कम एक बार सप्ताह भर के लिए अपने मूल गांव वापस लाने का खाका बुन रहा है। इस हेतु संघ ने ‘मेरा गांव-मेरा तीर्थ’ योजना शुरू की है। योजना के तहत प्रदेश की 670 न्याय पंचायतों में संयोजक तैनात कर दिए हैं, जिन्हें प्रवासियों को गाँव लौटाने के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी दी जा रही है।

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