महान हिमालय

पहाड़ों पर खिली धूप, बर्फवारी के बाद बर्फ से लकदक हुआ नगाधिराज

नवीन जोशी, नैनीताल। पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात निपटने के बाद शरद-हेमंत ऋतु के सितम्बर से लेकर सर्दियों में बर्फवारी होने से पहले नवम्बर, दिसंबर तक के दिनों में अच्छी धूप खिलने लगती है, और इसके साथ ही नगाधिराज हिमालय के दीदार होने लगते हैं। यही पहाड़ों की सैर का वर्ष में सबसे बेहतर समय होता है, इस मौसम में पर्वतों के वास्तविक सौंदर्य के प्रेमी सैलानी खासकर ऊंची चोटियों से हिमालय को देखने के लिए बड़ी संख्या में पहाड़ों की और उमड़ पड़ते हैं। सैलानी उमड़ने लगे हैं।
गौरतलब है कि पहाड़ों और खासकर हिमालय में गर्मियों के मौसम में इस दौरान जंगलों के जलने एवं मैदानी प्रदूषण के गर्मी की वजह से पहाड़ों की ओर ऊपर उठने की वजह से धुंवे की धुंध छायी रहती है, और इस कारण हिमालय पास के पहाड़ों से भी नहीं दिखाई देता। आगे बरसात के दिनों में वातावरण में कोहरा एवं बादलों के छाये रहने से हिमालय की चोटियां नजर नहीं आ पाती हैं। लेकिन इधर अक्टूबर-नवंबर के महीनों में जब मैदानी क्षेत्रों में सर्दियों का कोहरा छाने लगता है, इसी दौरान पहाड़ों पर आसमान साफ हो जाता है। पूर्व में हुई बरसात के कारण इन दिनों पहाड़ों का वातावरण साफ भी रहता है, इसलिए इस दौरान सैकड़ों किमी दूर से भी हिमालय के दीदार हो जाते हैं। इधर एक-दो दिनों से नैनीताल के हिमालय दर्शन, नैना पीक, स्नो व्यू व टिपिन टॉप चोटियों से हिमालय पर्वत का दिखना प्रारंभ हो गया है। इन नजारों के इधर सर्दियों तक तथा आगे सर्दियों की बारिश व बर्फवारी के बाद फरवरी-मार्च माह में देखे जाने की संभावना रहती है।

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