विश्व व भारत में रेडियो-टेलीविज़न का इतिहास तथा कार्यप्रणाली


जब से मानव पृथ्वी पर आया है, तभी से वह स्वयं को भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करता रहा है। प्रारम्भ में वह संकेतों या ध्वनि के माध्यम से अपनी बात दूसरों तक पहुँचाता रहा, समय बीतते उसने भाषा की खोज की और आसानी से अपनी बात कहने लगा। जैसे-जैसे मानव का विकास होता गया उसने परिवार बसाया, समाज का अंग बना। फिर उसकी दुनिया और बड़ी होती चली गई, और उसे अपनी बात ज्यादा दूर तक पहुँचाने की जरूरत पड़ने लगी। मनुष्य में अपनी आवाज को दूर तक पहुँचाने की चाह न जाने कब से रही है, और न … पढ़ना जारी रखें विश्व व भारत में रेडियो-टेलीविज़न का इतिहास तथा कार्यप्रणाली