कुमाऊं में परंपरागत ‘जन्यो-पुन्यू’ के रूप में मनाया जाता है रक्षाबंधन


वैश्वीकरण के दौर में लोक पर्व भी अपना मूल स्वरूप खोकर अपने से अन्य बड़े त्योहार में स्वयं को विलीन … अधिक

गौरा-महेश को बेटी-जवांई के रूप में विवाह-बंधन में बांधने का पर्व: सातूं-आठूं (गंवरा या गमरा)


गौरा से यहां की पर्वत पुत्रियों ने बेटी का रिश्ता बना लिया हैं, तो देवों के देव जगत्पिता महादेव का … अधिक

प्रकृति को संजोऐ एक वास्तविक हिल स्टेशन, रानी पद्मावती का खेत-रानीखेत


विकास की दौड़ में पीछे छूटती प्राकृतिक सुन्दरता व नैसर्गिक शांति यदि आज भी किसी पर्वतीय नगर में उसके मूल … अधिक

चार हजार वर्ष पुराना हड़प्पा कालीन है उत्तराखंड राज्य का इतिहास


नवीन जोशी, नैनीताल । उत्तराखंड राज्य के प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो.राम सिंह के अनुसार उत्तराखंड का इतिहास चार हजार वर्ष पुराना है। … अधिक

अब पहाड़ पर सैलानी ले सकेंगे गोवा की तरह खुले में नहाने का आनंद


मदकोट में बनेगा देश का पहला गंधक के पानी का ‘तप्त स्विमिंग पूल’ -गोरी नदी में बहता है गंधक का … अधिक

उत्तराखंड से 1.5 और सिक्किम से 1.7 लाख में होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा


-उत्तराखंड से 1080 और सिक्किम से 250 यात्री जा पाएंगे यात्रा पर -उत्तराखंड के पौराणिक मार्ग से 25 तो सिक्किम से 23 दिनों में पूरी होगी … अधिक

1.2 करोड़ वर्ष पुराना इतिहास संजोए, उच्च हिमालयी मिनी कश्मीर-सोर घाटी पिथौरागढ़


उच्च हिमालयी हिमाच्छादित पंचाचूली पर्वत श्रृंखलाओं तथा कल-कल बहती सदानीरा काली-गोरी व रामगंगा जैसी नदियों के बीच प्राकृतिक जैव विविधता … अधिक

चंपावत से मिला ‘कुमाऊं’ को अपना नाम और यह ही ‘कुमाऊं’ की मूल पहचान


यूं चंपावत वर्तमान में कुमाऊं मंडल का एक जनपद और जनपद मुख्यालय है, लेकिन यह कहना अतिशयोक्ति नहीं है कि … अधिक

पंचाचूली की गोद में ‘सात संसार-एक मुनस्यार’


नवीन जोशी नैनीताल । देवभूमि कुमाऊं में एक स्थान ऐसा भी है, जिसके बारे में कोई कहता है-‘सार संसार-एक मुनस्यार’, और कोई ‘सात … अधिक

कुमाउनी ऐपण: शक, हूण सभ्यताओं के साथ ही तिब्बत, महाराष्ट्र, राजस्थान व बिहार की लोक चित्रकारी की भी मिलती है झलक


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बेमौसम के कफुवा, प्योंली संग मुस्काया शरद, बसंत शंशय में


भवाली के निकट श्याम खेत के जंगलों में खिला बसंत ऋतु का प्रतीक राज्य वृक्ष बुरांश, आगे बसंत रह सकता … अधिक

::युवा दिवस 12 जनवरी, 152वीं जयंती पर पर विशेष: नैनीताल से ही नरेंद्र बना था शिकागो का राजर्षि विवेकानंद


-नैनीताल जनपद के काकड़ीघाट में ‘बोधि वृक्ष’ सरीखे पीपल का पेड़ के नीचे स्वामी विवेकानंद को हुऐ थे अणु में ब्रह्मांड … अधिक