यूपी-उत्तराखंड मिलकर बनाएँगे जमरानी बांध


उत्तराखंड की जमरानी बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ  हो गया है। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों इस परियोजना मे एक साथ काम करने को तैयार हो गए हैं। अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय 1975 से लंबित जमरानी बांध परियोजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद तेज हो गई है। इस बावत उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने मंगलवार (19.05.2015) को अध्यक्ष केंद्रीय जल आयोग, राकेश कुमार और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से विचार-विमर्श किया।  बैठक में परियोजना का टाइम फ्रेम तय किया गया। 7 जून 2015 तक परियोजना की नई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बन जायेगी। विभाग के अनुसार 351.5 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण के लिए डिजिटल मैप तैयार करने की कार्यवाही शुरू हो गई है। एक महीने में पहले चरण का फोरेस्ट क्लीयरेंस (एफएसी) मिल जाएगा। जुलाई तक दूसरे चरण का क्लीयरेंस (एफआईए) मिल जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड मिलकर जमरानी बांध का निर्माण करेंगे। पानी और व्यय की हिस्सेदारी का निर्णय दोनों राज्य आपस में मिलकर कर लेंगे। किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में केंद्रीय जल आयोग हस्तक्षेप करेगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जमरानी बांध परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का अनुरोध केंद्र सरकार से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार करेगी। बांध की लागत का 90 प्रतिशत वहन केंद्र सरकार करे। शेष 10 प्रतिशत दोनों राज्य मिलकर करेंगे। इसके साथ ही व्यय और लाभ की हिस्सेदारी पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में नए सिरे से करार किया जाएगा। सिंचाई विभाग ने एडवाइजरी कमेटी की आपत्तियों के निस्तारण के लिए डिजिटल मैप बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही भूमि हस्तांतरण के लिए टिहरी जिले में भूमि प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी जारी हो गए हैं।

पूर्व समाचार (2 नवम्बर 2014): यूपी न माना तो अपने दम जमरानी बांध बनाएगा उत्तराखंड

Rashtriya Sahara, 02 Nov, 2014

Rashtriya Sahara, 02 Nov, 2014.

-यूपी के अपने समकक्ष अखिलेश यादव से इसी माह निर्णायक वार्ता करेंगे मुख्यमंत्री हरीश रावत, इसी दौरान दोनों राज्यों के बीच एमओयू होने की भी जताई उम्मीद
-जल संग्रह के लिए प्रदेश सरकार को बेहद गंभीर बताया
-1965 से लटका है 130.60 मीटर ऊंचे बांध का मामला
नवीन जोशी, नैनीताल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वह जमरानी बांध के मुद्दे पर इसी (नवंबर) माह में यूपी के अपने समकक्ष अखिलेश यादव से मिलकर वार्ता करेंगे। उम्मीद जताई कि इसी दौरान दोनों राज्यों के बीच इस आधी शताब्दी से लंबित मसले पर अनुबंध (एमओयू) हस्ताक्षरित हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यूपी को चेतावनी देने के अंदाज में दो-टूक कहा कि यदि यूपी न माना तो उत्तराखंड स्वयं अपने दम पर अपनी जरूरतों के अनुरूप छोटा ही सही लेकिन जमरानी बांध बनाने की कार्रवाई करेगा।

श्री रावत ने यह बात शनिवार को स्थानीय बोट हाउस क्लब में ‘राष्ट्रीय सहारा’ द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कही। कहा कि वह उत्तराखंड में जल संग्रहण के प्रति हमेशा से गंभीर रहे हैं। केंद्र में जल संसाधन मंत्री रहते भी उन्होंने हरीशताल से लेकर भीमताल तक की अनेक झीलों के संरक्षण के लिए योजनाएं स्वीकृत की थीं, जिन पर अब काम शुरू होने की उम्मीद है।

उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए भी बहुउपयोगी साबित होने वाले जमरानी बांध का निर्माण काठगोदाम से 10 किमी अपस्ट्रीम गौलानदी पर होना है। 130.60 मीटर ऊंचाई वाले प्रस्तावित इस बांध की पत्रावली 1965 में शुरू हुई थी। प्रस्तावित बांध का निर्माण होने पर उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की करीब 90 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होने का अनुमान है। इसके अलावा बांध पर करीब 30 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी हो सकेगा। पेयजल संकट के लिए एकमात्र समाधान कहे जाने वाले बांध के जलाशयों में 144.30 मिलियन घन मीटर जल संग्रहित होगा। इसमें से 54 मिलियन घनमीटर पानी पेयजल के लिए उपलब्ध हो सकेगा। 2010 में परियोजना की पुनरीक्षित हाइड्रोलॉजीक रिपोर्ट को केंद्रीय जल आयोग ने जब अंतिम स्वीकृति प्रदान की तो उम्मीद जगने लगी थी कि बांध निर्माण का रास्ता आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है। परियोजना में दूसरी सफलता अर्जित करने के बाद सिंचाई विभाग बांध स्थल की भूमि को हस्तांतरित कराने में जुट गया था। दिसंबर 2010 में पहला प्रस्ताव बनाकर नोडल अधिकारी वन विभाग देहरादून को भेज दिया गया, जिसमें कुछ सुझाव नोडल अधिकारी के स्तर से मांगे गए। इन्हें भी पूरा कर दिया गया। इसके बाद भी बांध का प्रस्ताव कभी वन विभाग की आपत्तियों तो कभी यूपी के रुचि न लेने के कारण आधी शताब्दी से अटका हुआ है। उन्होंने जल संरक्षण के उद्देश्य से उत्तराखंड में अगले पांच वर्षों में पांच लाख चाल-खाल बनाने की योजना भी बताई।

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One response to “यूपी-उत्तराखंड मिलकर बनाएँगे जमरानी बांध

  1. पिंगबैक: विभिन्न विषयों पर अधिक पसंद किए गए ब्लॉग पोस्ट | नवीन समाचार : हम बताएंगे नैनीताल की खिड़की से देवभू·

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