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प्रतीकात्मक चित्र

नवीन समाचार, भगवानपुर-हरिद्वार, 12 दिसंबर 2021। दूसरे धर्म के युवक को एक दो बच्चों की मां से प्रेम संबंध बनाना और दूसरी जगह निकाह तय करना भारी पड़ गया। महिला ने ठीक शादी के बीच ऐसा हंगामा किया कि युवक की न केवल प्रस्तावित दुल्हन पक्ष के लोगों द्वारा मना किए जाने के कारण शादी ऐन मौके पर टूट गई, वरन उसे शादी का हर्जाना भी देना पड़ गया।

बताया गया है कि हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र निवासी युवक क्षेत्र की ही होम गार्ड के पद पर कार्यरत दो बच्चों की मां से प्रेम संबंध बनाए हुए था। इस बीच युवक ने महिला से छुपाकर अन्यत्र निकाह करने के लिए रिश्ता तय कर दिया। इधर शनिवार सुबह प्रेमी की बरात जानी थी। तभी महिला को प्रेमी के निकाह की जानकारी मिली जो वह तुरंत दुल्हन के घर पहुंच गई, और उसे व उसके परिजनों को युवक से अपने प्रेम संबंधों के बारे में बता दिया। इसे सुनकर दुल्हन और उसके परिजन सन्न रह गए।

इसके बाद वह अपने प्रेमी के घर पहुंची और उसे अपने प्रेम संबंधों का वास्ता दिया। उसके तवज्जो न देने पर उसने वहां भी जमकर हंगामा किया। इसी दौरान महिला की बातों को सुनने-समझने के बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हा पक्ष को बारात नहीं लाने और शादी पर हुए खर्च की रकम लौटाने की बात कह दी। इस बताया गया है कि दूल्हा पक्ष को नुकसान की भरपाई भी करनी पड़ गई। जबकि दूसरी ओर महिला और उसके प्रेमी पक्ष के बीच आपस में शादी के लिए वार्ता चल रही है। (डॉ. नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, मंगलौर, 6 दिसंबर 2021। हमने एक महिला से संबंधित पिछले समाचार में लिखा था, ऐसा तो कोई किसी निरीह पशु से भी नहीं करता। कुछ ऐसा ही मामला एक बार फिर प्रकाश में आया है। मंगलौर के कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपने पति और उसके दोस्त पर दुष्कर्म करने और गांव छोड़कर जाने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपितों ने उसे धमकी दी है यदि गांव नहीं छोड़ा तो उसके तीनों बच्चों की हत्या कर दी जाएगी।
पीड़ित का कहना है कि करीब दो वर्ष पूर्व उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। उसके तीन बच्चे हैं। 2020 में कोरोना के दौरान गांव के ही आरिफ का उसके घर आना जाना शुरू हो गया। इसके बाद आरिफ ने उसे शादी का झांसा देकर उसके साथ रिवाल्वर दिखाकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपित आरिफ ने उसके हाथ पैर बांधकर उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाए। यही नहीं उसके गर्भवती होने पर उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी देते हुए उसका गर्भपात भी कराया। इसी साल 2 जुलाई को कचहरी में ले जाकर उससे कई कोरे कागजों पर साइन भी कराए गए। आरोप है कि जब उसने इस संबंध में पुलिस को सूचना दी तब पुलिस के डर से आरिफ ने 11 जुलाई को निकाह कर लिया। इसके बाद आरिफ और उसका भाई इस्तयाक के अलावा इस्तयाक के दोस्त अफरोज ने उस पर धंधा करने का भी दबाव बनाया। आरोप है कि 25 सितंबर की रात को इस्तियाक ने अफरोज को घर बुलाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म कराया।
आरोप है कि पीड़िता के घर में रखे 4 लाख रुपये और सोने चांदी के जेवर भी तीनों आरोपित उठाकर ले गए। दो अक्टूबर की सुबह जब वह अपनी दुकान पर बैठी थी तब वहां पर आसिफ आया और उसने उसे तीन तलाक देते हुए उसकी दुकान में रखे 25 हजार रुपये भी उठा ले गया। पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर पीड़िता ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमर चंद शर्मा ने बताया कि महिला की तहरीर पर कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए आरिफ इश्तियाक और अफरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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नवीन समाचार, काशीपुर, 4 दिसंबर 2021। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद अंतर्गत काशीपुर में एक विवाहिता को दूसरे धर्म के व्यक्ति द्वारा अपना धर्म छुपाकर प्रेम जाल में फंसाने और तमंचा दिखाकर दुष्कर्म करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपित के साथ ही उसकी पत्नी भी अब उस पर धर्म बदलकर निकाह करने का दबाव डाल रहे हैं। महिला घरों में काम करके गुजारा करती है। आरोपित उससे 70 हजार रुपए भी ले चुका है पीड़िता की शिकायत पर आईटीआई थाना पुलिस मामला दर्ज कर तफ्तीश में जुट गयी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पशुपति बिहार निवासी पीड़िता लगभग 7 माह पूर्व गिरीताल में करन कश्यप के एक घर में घर का काम करने जाती थी। इसी दौरान उसका परिचय रोहित चौधरी नामक कार ड्राईवर से हुआ। ड्राईवर ने महिला को प्रेम जाल में फंसाया, और करीब तीन माह पूर्व उसे धोखे से मुरादाबाद रोड स्थित एक होटल में ले गया, और उसके साथ बलात्कार की कोशिश की।

विरोध करने पर ड्राईवर ने तमंचा तानकर उसके साथ दुष्कर्म किया और इसी बीच अश्लील वीडियो भी बना ली। इसके बाद ड्राईवर महिला से लगातार संबंध बनाने लगा। तंग आकर महिला ने गिरीताल स्थित कोठी से काम छोड़ दिया। कुछ समय बाद पीडिता को पता चला कि ड्राईवर रोहित चौधरी हिंदू नहीं बल्कि उसका नाम उस्मान है और वह कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मिस्सरवाला का रहने वाला, शादीशुदा तथा दो बच्चों का बाप है।

पीड़िता का आरोप है कि पिछले तीन माह से आरोपित उस पर जबरन इस्लाम धर्म कबूलकर निकाह करने का दबाव भी बनाने लगा है। विरोध करने पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देता है। आरोपित की पत्नी शबनम भी पीड़िता पर निकाह करने का दबाव बना रही है। कहती है कि उन्हें अपना मुस्लिम धर्म और बढ़ाना है। उसका पति हिंदू धर्म की औरत को इस्लाम कबूलवाकर निकाह करेगा और उन्हें विदेशों से रकम मिलेगी।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि बीती दो दिसंबर को आरोपित अपनी पत्नी, भाई व दो अन्य के साथ उसके घर में घुस आया और उसे जबरन खींचकर ले जाने लगा। शोर मचाने पर वह सभी पीडिता को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गये। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, काशीपुर, 8 नवंबर 2021। उत्तराखंड के काशीपुर में एक व्यक्ति द्वारा अपना धर्म छिपाकर युवती को शादी करने का झांसा देकर दुष्कर्म करने और फिर अपहरण करने का प्रयास करने का मामला प्रकाश में आया है। गनीमत रही कि वह युवती का अपहरण नहीं कर पाया। इससे पहले ही ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महानगर के आईटीआई क्षेत्र निवासी एक युवती ने स्थानीय थाना पुलिस में तहरीर देते हुए बताया कि 6 माह पूर्व वह अपने नानी के घर एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुरादाबाद गई थी। इस दौरान उसकी मुलाकात एक युवक से हुई जिसने स्वयं को सनातनी हिंदू बताते हुए अपना नाम सोनू बताया। इसके बाद दोनों ने आपस में अपने मोबाइल नंबर साझा किए, और दोनों में बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपित युवक ने उसको शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया और फिर अचानक से दूरी बना ली साथ ही फोन पर बात करने से मना कर दिया। जब युवती ने युवक के बारे में जानकारी जुटाई तो वह चौंक गई। आरोपित का नाम सोनू नहीं बल्कि भूरा पुत्र इदरीश है और वह ग्राम गोधन दलपतपुर जिला मुरादाबाद का रहने वाला है।

युवती ने बताया कि 7 नवंबर को सोनू उर्फ भूरा उसके गांव पहुंचा। वह काशीपुर से खरीदारी कर घर लौट रही थी तभी वह मिल गया और उसे जबरन बाइक पर बैठा कर ले जाने लगा। किशोरी के शोर करने पर ग्रामीणों ने उसे दबोच लिया और पिटाई कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी भूरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपित भूरा को गिरफ्तार कर लिया गया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, सहारनपुर उत्तर प्रदेश, 12 अक्टूबर 2021। धर्मांतरण के मामले में यूपी एटीएस ने नितिन पंत को सरकारी गवाह बना दिया है। मजिस्ट्रेट के सामने भी उसके बयान कराए गए हैं। एटीएस गत 24 सितंबर को नितिन को बालाजी घाट से लखनऊ ले गई थी, जबकि अब उसे वापस सहारनपुर लाकर मुक्त कर दिया गया है। इधर उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की जा रही है।

प्रतीकात्मक फ़ोटो

उल्लेखनीय है कि सहारनपुर में रह रहे, पिछले दिनों ‘नवीन समाचार’ के समाचार से ही धर्मांतरण के लिए बेहद चर्चा में आए नैनीताल निवासी नितिन पंत ने मौलाना कलीम की गिरफ्तारी के बाद एसपी सिटी राजेश कुमार को एक तहरीर दी थी कि मौलाना कलीम ने उसे एक समुदाय के खिलाफ भड़काया था और उसका धर्म परिवर्तन कराया था। उसकी तहरीर पर भी पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।

नितिन पंत

नितिन पंत का कहना है कि वह नौकरी के लिएं राजस्थान गया था। वहां दूसरे समुदाय के लोगों ने लालच देकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया और फिर धर्म परिवर्तन कराकर उसे अली हसन बना दिया गया। इसके बाद उस पर अन्य लोगों, खासकर हिंदू लड़कियों को भी धर्म परिवर्तित कर इस्लाम कबूल करवाने का दबाव बनाया जाता था। नितिन पंत का कहना था कि मौलाना कलीम ने ही फुलत के मदरसे में उसे बरगलाया था। उसे कहा गया था कि वह हिंदू लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाए और उनका भी धर्म परिवर्तन कराए।

मौलाना कलीम सिद्दीकी

उल्लेखनीय है कि गत जुलाई माह में किसी तरह उनके कब्जे से भागकर सहारनपुर आये नितिन पंत को हिंदू संगठन के पदाधिकारी निपुण भारद्वाज की मदद से धर्म गुरुओं ने शुद्धीकरण कर पुनः हिंदू धर्म में शामिल करवाया था। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नवीन समाचार, देहरादून, 10 अक्टूबर 2021। उत्तराखंड सरकार धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कड़ा कानून बनाने की राह पर नजर आ रहा है। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य में वर्तमान में लागू धार्मिक स्वतंत्रता कानून में संशोधन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव में सामूहिक धर्मांतरण, नाबालिगों का धर्मांतरण, अनुसूचित जाति, जनजाति की महिलाओं का धर्मांतरण आदि के प्राविधानों में संशोधन के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं। धर्मांतरण कराने पर कम से कम तीन साल और अधिकतम 10 वर्ष की सजा का प्राविधान हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्होंने उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम-2018 को कठोर बनाने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने पुलिस मुख्यालय से शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा था। अब इस पर पुलिस मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ काफी कड़ा है। जबकि उत्तराखंड का मौजूदा कानून काफी लचर है। इसमें धर्मांतरण कराने वालों को महज तीन से पांच साल की सजा का प्रावधान है। मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी पहले न्यायालय में वाद दायर करना होता है। इसके बाद भी यदि मुकदमा दर्ज हो भी जाता है तो आरोपित की गिरफ्तारी भी नियमानुसार आसान नहीं है।

यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति का जबरन या गलत ढंग से धर्मांतरण करता है तो मौजूदा कानून के अनुसार उसके सगे-संबंधी परिजनों को ही न्यायालय में वाद दायर करना जरूरी हैं। लेकिन नए प्रस्ताव में ऐसे मामलों में परिजन सीधे थानों में प्राथमिकी दर्ज करा सकेंगे। धर्मांतरण को संज्ञेय अपराधों की श्रेणी में रखने का भी प्रस्ताव है। धर्मांतरण कराने वालों पर मौजूदा कानून में जुर्माने की रकम को नहीं खोला गया है। जबकि नए प्रस्ताव में कम से कम 15 हजार रुपए जुर्माना लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

साथ ही अनुसूचित जाति, जनजाति की महिलाओं व व्यक्ति का धर्मांतरण कराने पर मौजूदा कानून के तहत मात्र दो से सात साल की सजा दी जा सकती है। जबकि यदि प्रस्तावित संशोधन होता है तो उसके लिए 10 वर्ष तक सजा और 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान होगा। प्रस्ताव के अनुसार सामूहिक धर्म परिवर्तन कराने वालों को कम से कम तीन साल और अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है।

प्रस्तावित कानून में मुकदमों का विचारण परिवार न्यायालयों के बजाय सत्र न्यायालय में कराए जाने का भी प्रस्ताव है। मौजूदा कानून के अनुसार यदि कोई व्यक्ति धर्मांतरण करता है तो इसके लिए उसे जिलाधिकारी को एक माह पहले सूचना देनी होती है। ऐसा न करने पर मुकदमे के लिए जिलाधिकारी की पूर्व स्वीकृति जरूरी है, लेकिन प्रस्ताव के अनुसार डीएम की पूर्व स्वीकृति को खत्म किया जाएगा।

यदि कोई संगठन या संस्था धर्मांतरण कराने में लिप्त है तो उसके लिए भी नए प्रस्ताव में दंड का प्राविधान प्रस्तावित है। ऐसी संस्थाओं की वित्तीय सहायता पर रोक लगाई जा सकती है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के अनुसार पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्वतंत्रता कानून को कड़ा बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। इसी क्रम में कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। अभी तक यह कानून बेहद हल्का है। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो बड़ा बदलाव होगा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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नितिन पंत

नवीन समाचार, सहारनपुर यूपी, 24 सितंबर 2021। यूपी एटीएस द्वारा विदेशी फंडिंग के साथ धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किये गये मौलाना कलीम सिद्दीकी के खिलाफ नैनीताल निवासी नितिन पंत ने भी पुलिस में नामजद तहरीर सोंपी है। नितिन का कहना है कि कलीम ने ही उसका धर्मांतरण करवाया और उसे इस्लाम के तौर-तरीके सिखाने के साथ उस पर हिंदू लड़कियों का धर्मातरण कराने का काम सोंपा। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : धर्मांतरण की चपेट में आए नैनीताल के युवक की हुई ‘घर वापसी’

नवीन समाचार, सहारनपुर (यूपी), 29 जुलाई 2021। राजस्थान में धर्मांतरण कर अली हसन बनाए गए नैनीताल के तल्लीताल निवासी नितिन पंत नाम के युवक की बुधवार को ‘घर वापसी’ हो गई है। सहारनपुर यूपी में बुधवार को हिंदू धर्म के पुरोहितों ने बजरंग दल के निपुण भारद्वाज के प्रयासों से माथे पर चंदन व तिलक लगाकर उनका ‘शुद्धीकरण’ किया गया। इसके अलावा स्थानीय हिंदूवादी संगठनों के लोग नितिन को लेकर सहारनपुर जनपद के एसएसपी से मिले और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को ‘नवीन समाचार’ के प्रयासों से नैनीताल में नितिन पंत का मामला मुख्यालय सहित प्रदेश में चर्चा में आया, और उसके नैनीताल स्थित मूल आवास की पहचान हुई और बुधवार को सभी समाचार पत्रों में भी यह मुद्दा छाया हुआ है।

विस्तृत समाचार थोड़ी देर में, विस्तृत समाचार के लिए इस लिंक को रिफ्रेश करते रहें। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 जुलाई 2021। आपके प्रिय एवं भरोसेमंद समाचार वेबसाइट ‘नवीन समाचार’ में बुधवार सुबह तल्लीताल के युवक के युवक का धर्मांतरण किए जाने का समाचार पूरे दिन मुख्यालय में पुलिस, अभिसूचना इकाइयों व हिंदूवादी संगठनों के साथ आम लोगों के बीच चर्चा में रहा। पुलिस एवं अभिसूचना इकाइयां युवक की पहचान में जुटी रहीं और आखिर उसकी पहचान भी हो गई, साथ ही युवक से संपर्क भी हो गया। वहीं सहारनपुर यूपी में वह जिन बजरंग दल कार्यकर्ता निपुण भारद्वाज के साथ है, उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में प्रेस वार्ता करेंगे और जल्द ही उत्तराखंड आकर यहां के मुख्यमंत्री से भी उसको संरक्षण देने व उसे पुर्नवासित करने की मांग भी करेंगे।

धर्मांतरण की चपेट में आये नितिन पंत (मोबाइल नंबर 7060636906) ने ‘नवीन समाचार’ को बताया कि उसके पिता देवेंद्र प्रसाद पंत का निधन हो चुका है। उनकी तल्लीताल बाजार में दुकान थी। उसके चाचा-ताऊ के बेटे यहां रहते हैं। जबकि उसके अपने बड़े भाई शैलेंद्र पंत अहमदाबाद में व छोटे भानु पंत जिंदल सिंथेटिक पानीपत में हैं। बहन पूजा पांडे सुयालबाड़ी स्थित नवोदय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत पति के साथ रहती हैं। मुस्लिम धर्म के लोगों के साथ व मुस्लिम धर्म में रहने के कारण उसे अपने भाइयों से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। उसकी शादी भी नहीं हो पाई। क्योंकि उसे मुस्लिम बनाने वाले लोगों ने उससे कहा कि उसके धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बनने के कारण कोई मुस्लिम लड़की उससे निकाह नहीं करेगी, साथ ही हिंदू लड़की भी सहज रूप में उससे शादी नहीं करेगी। इसलिए वह हिंदू लड़कियों को बहकाकर मुस्लिम बनाने का काम करे। इसके लिए उसे रुपए भी मिलेंगे। उसने उत्तराखंड सरकार पुर्नवास करे। सीएम से मुलाकात करेंगे। वहीं नितिन ने भी हिंदू धर्म में पुर्नवासित किए जाने के लिए मदद की गुहार भी लगाई है। इधर तल्लीताल थाना प्रभारी विजय मेहता ने भी उसकी पहचान होने की बात कही। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : तल्लीताल के युवक का हुआ धर्मांतरण ! पुलिस में शिकायत, हिंदूवादी कराएंगे ‘घर वापसी’

नवीन समाचार, सहारनपुर (यूपी), 28 जुलाई 2021। यूपी के सहारनपुर में नैनीताल निवासी एक युवक का धर्मांतरण किए जाने का मामला सामने आया है। खुद को नैनीताल के तल्लीताल निवासी नितिन पंत पुत्र स्वर्गीय देवेंद्र प्रसाद पंत बताने वाले युवक का कहना है कि उसका राजस्थान में जबरन धर्म परिवर्तन किया गया। इसके बाद उसे मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के नागल क्षेत्र के मदरसों में बंधक बनाकर भूखा रखा गया और प्रताड़ित किया गया। किसी तरह से युवक बचकर सहारनपुर पहुंचा और बजरंगदल के पदाधिकारियों से संपर्क किया। साथ ही एसपी से भी शिकायत की गई है। वह अब अपने घर भी जाना चाहता है। वहीं बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शुद्धीकरण कराकर उसकी ‘घर वापसी’ कराने की बात कही है।

नैनीताल तल्लीताल निवासी नितिन पंत ने बजरंग दल के स्थानीय कार्यकर्ता निपुण भारद्वाज व बालाजी घाट के संचालक अतुल तुली को बताया कि वर्ष 2010 में वह नौकरी की तलाश में राजस्थान के अलवर जिले के भिवाड़ी गया था। वहां उसे नौकरी तो नहीं पर मुस्लिम समाज के युवक मिले। आरोप है कि वे उसे राजस्थान के मेवात के गांव पंचगावा में ले गए। यहां पर कुछ मौलवियों ने पिस्टल दिखाकर उसका जबरन धर्मांतरण कराया, और उसका नाम बदलकर अली हसन रख दिया गया। इसके बाद उसे एक बंद कमरे में कई दिन तक भूखा रखा गया। उसे नौकरी, मकान व रुपए देने का लालच भी दिया गया था, और उस पर हिंदू समाज की लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराने का दबाव भी डाला गया था।

वहां उसे इस्लाम धर्म के बारे में शिक्षा दी जाती थी। यदि वह विरोध करता था तो बिजली का करंट दिया जाता था। शुरुआत में उसे सुंदर लड़की से निकाह कराने का लालच दिया गया, लेकिन बाद में मना कर दिया गया। इसके बाद उसे पहले मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में और बाद में सहारनपुर के एक मदरसे में भेज दिया गया। किसी तरह से वह यहां से भागकर हिंदू संगठन के लोगों के पास पहुंचा तो एसपी सिटी को तहरीर दी गई। एसपी सिटी राजेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। (डॉ.नवीन जोशी)  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : लव जिहाद ! स्वार के यूसुफ ने योगेश बनकर महिला से किया दुष्कर्म, बेटियों पर भी डाली बुरी नजर, विरोध करने पर जानलेवा हमला भी किया

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 5 सितंबर 2021। हल्द्वानी के आरटीओ चौकी क्षेत्र में यूसुफ नाम के युवक द्वारा योगेश बनकर दूसरे धर्म की महिला के साथ दुष्कर्म करने और विरोध करने पर जानलेवा हमला करने का लव जिहाद का मामला सामने आया है। आरोपित युसुफ ने योगेश बनकर महिला से दोस्ती की और फिर काम दिलाने के बहाने शारीरिक संबंध बनाकर वीडियो बना लिया। यही नहीं पीडिता की दो बेटियों के साथ भी अश्लील हरकत करने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 376/2ढ, 323, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसर हल्द्वानी निवासी पीड़िता ने आरटीओ चौकी में तहरीर देकर बताया है कि टांडा दड़ियाल स्वार जिला रामपुर यूपी निवासी युसुफ अली नाम का व्यक्ति कुछ समय पहले योगेश बनकर उसके करीब आया। उसने खुद को मजदूरी करने वाला बताया और उसे भी काम दिलाना शुरू कर दिया। उस पर विश्वास कर वह काम पर गई तो आरोपित ने उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाकर वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर अक्सर अश्लील हरकत करने लगा। यही नहीं, वह उसकी बेटियों से भी अश्लील हरकत का प्रयास करने लगा था।

इसका विरोध करने पर गत एक सितंबर को आरोपित किराए के कमरे में शटर का ताला तोड़कर घुस गया और जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। शोर होने पर आसपास के लोग एकत्र हुए तो आरोपित फरार हो गया। मुखानी थाना एसओ सुशील कुमार ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर युसुफ अली पर दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर कमलुवागांजा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : दानिश ने आकाश बनकर दुष्कर्म किया, दो बार गर्भपात कराया और शादी के बाद की मारपीट

नवीन समाचार, हरिद्वार, 3 अगस्त 2021। उत्तराखंड में लव जेहाद की घटनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। यहां भोली भाली लड़कियों को अपनी पहचान छिपाकर झूठे प्यार के जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसा ही मामला हरिद्वार से सामने आया है। यहां दानिश नाम के युवक के खिलाफ आकाश बनकर हिंदू धर्म की लड़की का शारीरिक शोषण कर दो बार गर्भपात कराने व शादी करने के बाद मारपीट करने का मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के ज्वालापुर कोतवाली में हिंदू धर्म की युवती ने दानिश के खिलाफ शिकायत देकर कहा कि वर्ष 2018 में उसकी खुद का नाम आकाश बताने वाले युवक से जान पहचान हुई। आकाश ने उससे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इससे दो बार उसका गर्भ ठहर गया, इस पर दो बार उसका गर्भपात भी कराया। ऐसी स्थितियों के बाद आकाश ने मां मनसा देवी मंदिर में उसकी मांग में सिंदूर डालकर शादी की, लेकिन साथ रखने से साफ इंकार कर दिया। इधर आरोपी युवक ने उसे गत 22 जुलाई को उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर के नूरपुर बुलाकर परिवार के साथ मिलकर उसकी पिटाई की। इस दौरान उसे पता चला कि जिसे वह आकाश समझती थी उसका वास्तविक नाम दानिश है।

इस पर उसने ज्वालापुर कोतवाली पहुंचकर आरोपी दानिश के खिलाफ तहरीर दी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी दानिश ने धार्मिक पहचान छिपाई और शारीरिक शोषण किया। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (डॉ.नवीन जोशी) आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़ें : अल्मोड़ा जनपद के दूरस्थ क्षेत्र में लव जिहाद का मामला, दबाती रही पुलिस, देर रात्रि विधायक के हस्तक्षेप के बाद मुकदमा दर्ज

नवीन समाचार, द्वाराहाट (अल्मोड़ा), 23 जुलाई 2021। अल्मोड़ा जनपद के दूरस्थ बग्वालीपोखर क्षेत्र में लव जेहाद का मामला सामने आने से शुक्रवार को बवाल हो गया। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने चार मुस्लिम युवकों को दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं पुलिस पर आरोप है कि वह देर रात तक मामले को दबाने में जुटी रही, पर द्वाराहाट विधायक व हिंदूवादी संगठनों को मामले का पता चलने पर पुलिस हरकत में आई। इसके बाद गांव की किशोरी को बहला फुसला कर द्वाराहाट के होटल में लाने वाले चार युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बग्वालीपोखर क्षेत्र के एक गांव की एक नाबालिग को सोशल मीडिया के जरिये कलियर (हरिद्वार) निवासी मुस्लिम युवक ने अपने चंगुल में फंसा लिया। शुक्रवार को आरोपित अपने तीन साथियों को लेकर गांव जा धमका। उसने मोबाइल पर संपर्क कर नाबालिग बच्ची को द्वाराहाट के एक होटल में बुलाया। धोखे में वह पहुंच भी गई। पर होटल स्वामी को संदेह हुआ तो उसने थाने में जानकारी दे दी। इस पर लोगों ने चारों युवकों को दबोच कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस बीच हिंदूवादी संगठनों के लोग भड़क उठे।

आरोप है कि एसओ अजय साह देर रात तक मामले को दबाते रहे। लव जेहाद से जुड़े मामले में खाकी के इस रवैये से हिंदूवादी संगठन नाराज भी हुए। आखिरकार देर रात विधायक महेश नेगी भी थाने जा पहुंचे ओर पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। किशोरी के पिता की तहरीर पर चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मगर एसओ आरोपितों के नाम खोलने से कतराते रहे। देर रात पुलिस ने कलियर हरिद्वार निवासी कासिफ, अरमान, साने आलम व फरमान की गिरफ्तारी का खुलासा किया। चारों 20-25 आयु वर्ग के हैं। विधायक महेश नेगी का कहना है कि क्षेत्र में ऐसी घटना का होना गंभीर बात है। (डॉ.नवीन जोशी)  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : नाबालिग को भगा ले गया था 19 वर्षीय युवक, लव जिहाद बता रहे हिंदूवादी संगठन

डॉ. नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 04 जुलाई 2021। नैनीताल पुलिस ने बेतालघाट से गायब हुई नाबालिग को 12 घंटे के भीतर जसपुर के मौहल्ला जुलाहान से बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि नाबालिग को भगाने वाला मुख्य आरोपी मात्र 19 वर्षीय युवक है। हिंदूवादी संगठन इस मामले को लव-जिहाद से भी जोड़कर देख रहे है। आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, (क) 354, 354 (क) 368 व 7/8 पोक्सो अधिनियम की भी बढ़ोतरी की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार 3 जुलाई 2021 को बेतालघाट निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी नाबालिग पुत्री घर से टेलर की दुकान तक गई थी जो फिर वापस नहीं आई। तहरीर के आधार पर थाना बेतालघाट में भारतीय दंड संहिता की धारा 365 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम को नाबालिग बालिका की सकुशल बरामदगी हेतु प्रयास शुरु किए थे। जांच के दौरान गुमशुदा नाबालिग के परिजनों ने बताया कि उन्हें शक है कि उनकी बेटी को स्थानीय स्तर पर काम करने वाला अली अहमद ले गया है। परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस टीम द्वारा अली अहमद के घर मौ. जुलाहान, जसपुर, जिला उधम सिंह नगर में दबिश दी गई तथा नाबालिग लड़की को 19 वर्षीय अली अहमद पुत्र मौहम्मद मुस्तकीम अहमद, निवासी ईदगाह रोड, मौ. जुलाहान, जसपुर, उधम सिंह नगर एवं उसके एक अन्य साथी वसीम पुत्र खलील अहमद के कब्जे से महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम में बेतालघाट के थानाध्यक्ष प्रेम राम विश्वकर्मा, एसआई नीरज चौहान, प्रेमा कोरंगा, आरक्षी विजय राणा, महेश कुमार, हरि सिंह, राधेश्याम लोहनी, अंशु तथा प्रभा राणा शामिल रहे। आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : एक हज़ार से अधिक लोगों का धर्म परिवर्तन कराने वाले उमर गौतम का नैनीताल से है खास कनेक्शन, यहां खुद किया था धर्म परिवर्तन…

नवीन समाचार, लखनऊ, 22 जून 2021। एक हजार से अधिक लीगों को जबरन धर्मांतरण कराने के मामले में उमर गौतम और जहांगीर की लखनऊ से गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने चौकाने वाला खुलासा किया है। आरोपितों का नैनीताल से कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर लालच देकर धर्म बदलवाने वाला उमर पहले खुद हिंदू था। उसने 1984 में 20 साल की उम्र में नैनीताल में मुस्लिम धर्म अपना लिया था।
उमर गौतम ने एटीएस के समक्ष खुद खुलासा किया है कि वह जब 20 साल का था तो उसने नैनीताल में धर्म परिवर्तन कर लिया था। बचपन में उसका नाम श्याम प्रकाश सिंह गौतम था। वह एक राजपूत परिवार में पैदा हुआ था। यह खुलासा उसने 2 साल पहले यूट्यूब पर जारी एक वीडियो में किया था। उसने बताया कि उसका परिवार आज भी हिंदू है, और यूपी के फतेहपुर में रहता है। वह 6 भाई हैं। वह चौथे नंबर का था। उससे बड़े उदयराज, उदय प्रताप व उदयनाथ जबकि छोटे श्रीनाथ व ध्रुवनाथ हैं।

‘हिंदू धर्म में जातीय भेदभाव से आहत’
वीडियो में उमर गौतम कहता दिख रहा है कि उसने कभी नहीं सोचा था कि वह कभी अपना नाम बदलेगा। उसने कहा कि हिंदू धर्म में जातीय भेदभाव को देखकर उसने अपना धर्म बदल लिया। वह ये भी कह रहा है कि वह बचपन में इस्लाम के बारे में कुछ भी नहीं जानता था। उसे बताया जाता था कि वह ठाकुर बिरादरी से है, जिसे समाज में काफी ऊंचा माना जाता है। उमर ने कहा कि जाति को लेकर होने वाले भेदभाव से दुखी होकर उसने अपना नाम बदल लिया।
उमर ने बताया कि नैनीताल में (संभवतः तब नैनीताल जिले में ही रही पंतनगर यूनिवर्सिटी) बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई के दौरान उसकी मुलाकात बिजनौर निवासी नासिर नाम के एक मुस्लिम से हुई थी। दोनों के बीच काफी गहरी दोस्ती हो गई। दोनों इतने अच्छे दोस्त बन गए कि एक साथ हर मंगलवार को मंदिर भी जाते थे।लेकिन जब उसने कुरान पढ़ी तो 1984 में हिंदू से मुस्लिम बन गया। उसने बताया कि कॉलेज में भी सभी को उसके धर्मांतरण की बात पता थी। बाद में उसने दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में इस्लामिक स्टडीज में एमए किया।

हिंदुओं को बरगलाने के लिए बनाया इस्लामिक दावा सेंटर
हैरानी की बात ये है कि हिंदुओं को बरगलाने के लिए उमर गौतम ने इस्लामिक दवा सेंटर बनाया था। यहां पर वह हिंदुओं को अपनी कहानी बताकर मुस्लिम बनने के लिए प्रेरित किया करता था। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उमर एक साल में 350 से ज्यादा लोगों का धर्म बदला चुका है। नोएडा के मूक-बधिर स्कूल के 18 बच्चों के साथ ही उसने यूपी दिल्ली समेत 1 दर्जन से ज्यादा परिवारों को हिंदू से मुस्लिम में धर्म परिवर्तन करा दिया है। (डॉ.नवीन जोशी)  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : कालाढुंगी की दूसरे धर्म की महिला के बच्चों का धर्म परिवर्तन कराकर करा दिया क्रूरता से खतना, मामला राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग पहुंचा

नवीन समाचार, कालाढूंगी, 16 जून 2021। कालाढूंगी निवासी एक महिला के बच्चों के साथ उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद के ग्राम बैरुआ में ‘खतने’ के नाम पर क्रूरता करने का मामला सामने आया है। मामला राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के निर्देशों पर उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता टीम के नेतृत्व में गई टीम ने भी अपनी जांच में बच्चों का खतना किए जाने की पुष्टि की है और बच्चों के साथ हुई इस क्रूरता को किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के अंतर्गत अपराध बताया है। मामले में आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार निकटवर्ती बाजपुर निवासी हरकेश की विगत आठ मई को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ कालाढूंगी में रहने लगी थी। इस बीच खुद को स्वर्गीय हरिकेश का दोस्त बताने वाले रामपुर यूपी की शाहबाद तहसील के सैफनी चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम बैरुआ निवासी ट्रक चालक महफूज उसकी पत्नी के संपर्क में आया, और उसे व उसके बच्चों को सहारा देने के बहाने अपने गांव ले गया। आरोप है कि महफूज ने दो बच्चों की मां का धर्म परिवर्तन करवाकर उससे निकाह कर लिया और महिला और उसके बच्चों के नाम भी परिवर्तित कर दिये। इसके बाद महफूज ने महिला के दोनो बेटों का खतना करवाकर पूरे गांव को दावत दी। इसके बाद यह मामला चर्चा में आया और पुलिस ने बैरुआ गांव में छापा मारकर महफूज के घर से महिला व उसके बच्चों को छुड़ाकर महफूज के पिता अंजार, मां मुमताज और खतना कराने वाले पुराना रायपुर गांव निवासी शकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था जबकि महफूज फरार होने में कामयाब हो गया था। इसके बाद मामला केंद्रीय बाल संरक्षण आयोग पहुंचा जहां से निर्देश मिलने के बाद गत मंगलवार को उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने बैरुआ गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली, और ग्रामीणों के बयान दर्ज किये। जिसमें बताया गया कि आरोपी महफूज ने अपने घर में महिला के साथ मंगनी की थी, और खतना की दावत भी हुई थी लेकिन निकाह के बारे में कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस ने महिला और उसके बच्चों को बिलासपुर के नवाबगंज गुरुद्वारे में शरण दिला दी है। (डॉ.नवीन जोशी)  आज के अन्य ताजा ‘नवीन समाचार’ पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

यह भी पढ़ें : शादी के लिए धर्म बदलने को कहने वाले आरोपित की जमानत अर्जी खारिज

-चार वर्ष से खुद धर्म बदलकर साथ रह रहा और शारीरिक संबंध बना रहा था आरोपित
डॉ.नवीन जोशी @ नवीन समाचार, नैनीताल, 28 मई 2021। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र कुमार जोशी की अदालत ने चार वर्ष से सोनू नाम से साथ रह रहे व कई बार हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का झांसा देकर हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र की एक युवती से शारीरिक संबंध बनाने वाले, बाद में रिजवान पुत्र रिफाकत खान निवासी केलाखेड़ा बाजपुर निकले आरोपित की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को जेल में बंद आरोपित की ओर से दायर जमानत अर्जी पर वर्चुअल माध्यम से हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने न्यायालय को बताया कि आरोपित ने आरोपित हिंदू नाम से और हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का झांसा देकर पीड़िता के साथ चार साल से रह रहा था। इस दौरान उसने पीड़िता से कई बार शारीरिक संबंध बनाए और जब पीड़िता ने शादी करने को कहा तो उसने कहा कि वह एक मुसलमान है। युवती पहले मुसलमान बने, तभी शादी करेगा। साथ ही आरोपित रिजवान व उसकी मां मुन्नी बेगम व उसके परिवार वालों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी।

यह भी पढ़ें : शर्मनाक: नाम-धर्म बदलकर शादी के धोखे में बनाए शारीरिक संबंध, अब वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोस्तों से भी संबंध बनाने को बना रहा दबाव

नवीन समाचार, रुद्रपुर, 11 अप्रैल 2021। रुद्रपुर के आदर्श कालोनी निवासी एक युवक ने अपनी कॉलोनी का ‘आदर्श’ नाम गलत साबित कर दिया है। इस युवक पर आरोप है कि उसने अपना धर्म बदलकर एक युवती का तीन साल तक शारीरिक शोषण किया। साथ ही उसकी अश्लील वीडियो और फोटो भी बनाई। आरोप यहां तक है कि अब वह युवती पर उसके दोस्तों से भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा है, और ऐसा न करने पर उसकी अश्लील वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दे रहा है। इस मामले में पीड़िता ने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचकर पुलिस से आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
रविवार को विहिप कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और एसएसआई सतीश कापड़ी को तहरीर सौंपी। उनका कहना था कि आरोपित युवक ने शहर की एक युवती से तीन साल पहले अपना नाम और धर्म बदलकर दोस्ती की, और बाद में शादी का झांसा देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए और इसकी अश्लील वीडियो बनाकर अपने दोस्तों को भी दे दी। इधर गत पांच अप्रैल को युवती कहीं जा रही थी। तभी आरोपित ने उसे रास्ते में रोक लिया और अश्लील वीडियो दिखाते हुए जबरन ले जाने लगा। इसी बीच युवती का भाई भी आ गया। युवती ने अपने भाई को बताया कि उसके पास उसकी अश्लील वीडियो है। जब उसने मोबाइल छिनने का प्रयास किया तो आरोपित वीडियो वायरल करने की धमकी देकर फरार हो गया। पीड़ित पक्ष और विहिप कार्यकर्ताओं ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसएसआई सतीश कापड़ी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मौके पर विहिप के जिला सुरक्षा प्रमुख अनिल गंगवार, राकू, अनूप, विशाल यादव, रजत दीक्षित, गौरव कुमार, गौरव चौधरी आदि थे।

यह भी पढ़ें : चार साल तक साथ रह शारीरिक शोषण कर रहा था युवक, शादी की बात पर हुआ दूसरे धर्म का होने का खुलासा, बना रहा धर्म परिवर्तन का दबाव

नवीन समाचार, हल्द्वानी, 16 मार्च 2021। हल्द्वानी के मुखानी क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर रहने वाली एक युवती ने एक युवक पर चार साल से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। यह भी बताया कि युवक से जब शादी करने को कहा गया तो उसने खुलासा किया कि वह उसके धर्म का नहीं है। युवती का आरोप है कि युवक और उसके परिजन अब उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं। ऐसा न करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया है।
युवती ने पुुलिस को बताया कि युवती ने बताया कि उसकी मां की मौत काफी पहले हो गई थी। पिता ने दूसरी शादी की है। इस कारण वह अकेली रहती है। इन स्थितियों का फायदा उठाकर सोनू नाम का युवक नजदीकियां बढ़ाकर उसके साथ चार साल से रह रहा था। उसने शादी करने का झांसा दिया था। इस बीच युवक ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध भी बनाए थे। इधर युवक के परिवार वाले भी उससे शादी करने के लिए राजी हो गए थे। इधर युवती ने जब शादी की बात कही तो कथित सोनू ने कहा कि वह हिंदू नहीं है। उसका नाम रिजवान है और वह ऊधमसिंह नगर जिले के केलाखेड़ा बाजपुर का रहने वाला है। कुछ दिन पहले रिजवान ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट भी की। कोतवाली पुलिस ने धारा 376(2) एन 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। विवेचक उपनिरीक्षक दीपा जोशी ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है। इधर, सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि दोनों एक दूसरे को चार साल से जानते हैं। लव जेहाद का मामला प्रतीत नहीं हो रहा है। पुलिस इस मामले में विवेचना कर सख्त कार्रवाई करेगी।

यह भी पढ़ें : युवक ने युवती के परिजनों पर जताई धर्म परिवर्तन कराकर जबरन शादी कराने या झूठा फंसाने की आशंका

नवीन समाचार, काशीपुर, 10 जनवरी 2021। शहर के मोहल्ला टांडाउज्जैन निवासी एक युवक ने रविवार को कोतवाली पुलिस व अपर पुलिस अधीक्षक काशीपुर को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि दूसरे संप्रदाय की उसकी पूर्व सहकर्मी के परिवार वाले उसका धर्म परिवर्तन करा कर युवती से उसकी शादी करवाना चाहते हैं। युवक ने आशंका जताई है कि युवती के स्वजन कभी भी उसे झूठे केस में फंसा सकते हैं। युवक ने कोतवाली पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
युवक का कहना है कि वह जून 2018 में एक निजी कंपनी में काम करता था। उसी दौरान नगर निवासी एक युवती से उसकी जान-पहचान और फिर दोस्ती हो गई। युवती की गरीबी को देखते हुए समय-समय पर वह उसकी पैसे इत्यादि से मदद किया करता था। इधर लॉकडाउन के दौरान उसकी नौकरी छूट गई। 31 दिसंबर 2020 की शाम लगभग सात बजे युवती उसके घर आ गई और कहने लगी कि वह उसे कहीं ले चलो वरना वह आत्महत्या कर लेगी। इसके बावजूद वह युवती के काफी जिद करने पर उसे मात्र रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित एक होटल में ले गया। और उसके परिजनों को सूचना देकर उसे उसके घर भेज दिया। फिर भी उसे आशंका है कि युवती के परिजन उसे किसी झूठे मामले में फंसा सकते हैं। इस मामले में यह बात भी प्रकाश में आ रही है कि युवती के परिजन युवक के खिलाफ युवती का उत्पीड़न करने के आरोप मंे पुलिस को तहरीर दे सकते हैं।

यह भी पढ़ें : कुणाल शर्मा बनकर ताहिर हुसैन ने मंदिर में की युवती से शादी, अब धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का बना रहा दबाव, लव जेहाद से इंकार कर रही यूपी पुलिस..

शाहिद अंसारी @ नवीन समाचार, बरेली, 02 दिसम्बर 2020। योगी सरकार के उत्तर प्रदेश में लव जेहाद पर कानून लाते ही पहला मामला बरेली में दर्ज हुआ और पहले मामले को दर्ज हुए अभी 24 घंटा का समय भी नही बीता था कि एक और नया लव जेहाद का ताजा मामला प्रकाश में आ गया है। इस मामले में दूसरे धर्म के युवक ने अपने नाम और धर्म को छिपा कर एक युवती से मंदिर में विवाह कर उसकी आबरू लूट ली और अब उस पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज कर लिया है पर पुलिस अन्जान कारणांे से लव जिहाद से इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पुराने परिचित हैं। लड़की अब शादी से इंकार कर रही है। मुकदमा दर्ज होने के बाद अब साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपित लड़के को गिरफ्तार कर लिया गया है।
योगी सरकार ने लव जेहाद के मामले पर अंकुश लगाने के लिए लव जेहाद के खिलाफ सख्त कदम उठाया है, लेकिन बरेली में लव जेहाद के एक के बाद एक मामले प्रकाश में आ रहे हैं। लव जेहाद कानून आने के बाद आये शहर और प्रदेश के दूसरे मामले में शहर के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की एक युवती को दूसरे धर्म के युवक ने अपना नाम कुणाल बता कर पहले अपने प्यार के झांसे में लिया और फिर उससे मंदिर में शादी भी की। जब युवती गर्भवती हुई तो उसका जबरदस्ती गर्भपात करवा दिया। युवती ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की और अपना नाम ताहिर हुसैन बताया, तथा युवती से धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। युवती के अनुसार ताहिर अपने आप को हिंदू धर्म का बताता था और उसके साथ मंदिर भी जाता था। उसने अपना नाम कुणाल शर्मा बताते हुए उसके साथ धोपेश्वरनाथ मंदिर में शादी भी की।

देखें विडियो :

युवती का आरोप है कि अब ताहिर उस पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बना रहा है, और ऐसा न करने पर उसको जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। युवती न्याय के लिए पुलिस की शरण मे गई तो वहां भी हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं एसपी सिटी रवींद्र कुमार इस मामले को लव जेहाद का होने से भी इंकार कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में कुछ दिनों की अगर बात करें तो लव जेहाद के मामलों की बाढ़ सी आ गई है। सरकार लव जेहाद पर कानून तो ले आई है लेकिन लव जेहाद पर अंकुश लगाने के लिए कड़ी मशक्कत की जरूरत है। ताहिर सहित चार परिवार जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

यह भी पढ़ें : देश में ‘लव जिहाद’ पर छिड़ी बहस के बीच उत्तराखंड सरकार अंतरधार्मिक विवाहों पर देगी 50 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि !

नवीन समाचार, टिहरी/देहरादून, 22 नवम्बर 2020। देश में ‘लव जिहाद’ पर छिड़ी बहस के बीच जहां भारतीय जनता पार्टी की मध्य प्रदेश तथा हरियाणा की सरकारें कड़े कानून बना रही हैं, वहीं उत्तराखंड सरकार का एक विवादित आदेश चर्चाओं में है। राज्य के टिहरी जनपद के समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने 18 नवंबर 2020 को जारी एक ‘प्रेस नोट’ में कहा है कि ‘राष्ट्रीय एकता की भावना को जागृत रखने और सामाजिक एकता को बनाए रखने के लिए अंतरजातीय तथा अंतर धार्मिक विवाह काफी सहायक सिद्ध हो सकते हैं… इस प्रकार के विवाह को सक्रिय प्रोत्साहन देने के लिए समाज कल्याण विभाग उत्तराखंड द्वारा अंतरजातीय तथा अंतर धार्मिक विवाह करने वाले दंपत्ति को प्रोत्साहन स्वरूप 50 हजार रुपए प्रदान किए जाते हैं।’
ज्ञातव्य हो कि अंतरजातीय और अंतर धार्मिक विवाह को प्रोत्साहित करने को लेकर वर्ष 1976 में पूर्ववर्ती प्रांत उत्तर प्रदेश में ने ‘उत्तर प्रदेश अंतरजातीय अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन नियमावली 1976’ नियमावली बनाई गई थी। इस नियमावली के तहत अंतरजातीय और अंतर धार्मिक विवाह करने वाले दंपति को प्रोत्साहन स्वरूप 10 हजार का रुपये देने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2014 में तत्कालीन कांग्रेस की विजय बहुगुणा सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश अंतरजातीय अंतरधार्मिक विवाह प्रोत्साहन नियमावली 1976’ के नियम-6 में पुरस्कार की धनराशि को संशोधित कर दिया था। इसके तहत उत्तराखंड में अंतरजातीय और अंतर धार्मिक विवाह करने वाले दंपति को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने का प्रावधान किया गया था। इसमें शर्त यह है कि वर या वधु में से कोई एक अनुसूचित जाति से होना चाहिए और उनके द्वारा नियमानुसार विवाह कर एक वर्ष के भीतर प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन करना चाहिए। लव जेहाद के बढ़ते प्रकरणों के कारण यह शासनादेश अब समस्या का कारण बन गया है। इस आदेश को लेकर हिन्दूवादी नेता सड़कों पर हैं और राज्य की भाजपा सरकार पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा ऐसे विवाहों को प्रोत्साहन को बढ़ावा देने की नीति को ही आगे बढ़ाने वाला बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस आदेश की आढ़ में अनुसूचित वर्ग की कन्याओं के साथ अंर्तधार्मिक व अंर्तजातीय विवाह बढ़े हैं। बावजूद समाज में किसी तरह का सामाजिक सौहार्द नहीं बढ़ा। यानी यह नियम अपने उद्देश्य की पूर्ति करने की जगह समाज में वैमनस्य बढ़ाने वाला साबित हुआ है।
इस पर बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर अब उत्तराखंड सरकार इस शासनादेश से ‘अंतरधार्मिक विवाह’ शब्द हटाने जा रही है। शीघ्र ही इसका शासनादेश जारी होगा

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