ग्लास्गो में ‘कैच’ हुआ नैनीताल का एक ‘सिक्सर किंग’


राजीव मेहता
राजीव मेहता
  • डीएसए मैदान में मारे गए छक्कों जैसा ही रोमांचक रहा है भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष राजीव मेहता का खेल सफर
  • उत्तराखंड में खेलों के एकछत्र आधिपत्य है राजीव मेहता का, पूर्व ओलपिंक संघ अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी से है काफी नजदीकी संबंध

नवीन जोशी, नैनीताल। कोई बल्लेबाज जब क्रिकेट के मैदान में गैंद को बहुत ऊंचा उठाता है तो गैंद के सीमा पार सर्वोच्च स्कोर छह रन प्राप्त करने अथवा सीमा पर या कहीं भी कैच पकड़े जाने की बराबर संभावना रहती है। रविवार को ग्लास्गो में शराब पीकर पक़डे जाने से देश को शर्मशार करने वाले भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता का खेल सफर भी छक्कों के लिए उछाली गई गैंद जैसा ही रोमांचक रहा है।नैनीताल के अलावा कम ही लोग जानते होंगे कि देश की शीर्ष खेल संस्था में अभी इसी वर्ष जनवरी माह में किसी ध्रुव तारे की तरह अचानक प्रकट हुए और ग्लास्गो में गिरफ्तारी से राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आए मेहता का खेल सफर नैनीताल के ऐतिहासिक खेल मैदान डीएसए-फ्लैट्स पर क्रिकेट खेलने से शुरू हुआ था। मजबूत कद काठी के इस बल्लेबाज को आज भी शहर के पुराने खेल प्रेमी उनके गगनचुंबी छक्कों के लिए ही अधिक याद करते हैं। राजीव मेहता का परिवार पंजाबी मूल का है। यह परिवार मूलतः हल्द्वानी के बरेली रोड स्थित बिष्णु गली में रहता है। उनकी पढ़ाई नैनीताल के डीएसबी कॉलेज से हुई, और वह यहां फ्लैट्स मैदान में बतौर बल्लेबाज काफी क्रिकेट खेला करते थे। बाद में वह पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए और वहां से यूपी की खेल संस्थाओं में उन्होंने पैठ बनानी प्रारंभ की। बताया जाता है कि उत्तराखंड राज्य बनने के दौर में ओलंपिंक पदक विजता जसपाल राणा राज्य में ओलंपिक एसोसिएशन को स्थापित किए जाने को प्रयासरत थे, और इस कड़ी में पूरे प्रदेश का भ्रमण करते हुए वह नैनीताल भी आए थे। जानकारी लगने पर मेहता भी यहां पहुंचे। यहां हल्की नोंक-झोंक के बाद एक दिन खबर आई कि राणा नहीं बल्कि मेहता ने न केवल प्रदेश में ओलंपिक एसोसिएशन की स्थापना करा दी है, वरन इस सर्वोच्च खेल संस्था के अध्यक्ष भी बन गए हैं। मेहता तब से राज्य की न केवल इस सर्वोच्च खेल संस्था के वर्तमान तक निरंतर अध्यक्ष बने हुए हैं, वरन इस बीच भी राज्य की ताइक्वांडो, बॉलीबॉल, मलिहा हॉकी सहित अनेक खेलों की संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं। इन खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने और बड़ा प्लेटफार्म देने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही है। शीर्ष स्तर पर उन्हें ओलंपिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का करीबी बताया जाता है। यूं वह अब तक निर्विवाद भी रहे हैं, शायद इसीलिए इस वर्ष जनवरी मा में हुए भारतीय ओलंपिक संघ का निर्विरोध तरीके से मासचिव भी निर्वाचित किया गया। उत्तराखंड ओलंपिक संघ में उनके नायब, महासचिव मुकर्जी निर्वाण ने बताया कि एक क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में मेहता एक आउटस्टेंडिंग खिलाड़ी रहे हैं। उनके भारतीय ओलंपिक संघ का महासचिव बनना भी उत्तराखंड के लिए गौरव की बात रही है। वहीं उनके मित्रों का कहना है कि ग्लास्गो में हुई घटना बेहद सामान्य है। कुमाऊं विवि से 1985 में रसायन विज्ञान में एमएससी करने वाले राजीव खुद एक बेहतरीन क्रिकेटर व फुटबालर रहे। उन्होंने कुमाऊं विवि की क्रिकेट टीम का बतौर कप्तान प्रतिनिधित्व किया और बाद में विवि की चयन समिति के अध्यक्ष रहे। राज्य गठन से पहले राजीव मेहता एक दशक तक यूपी वूमैन क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। उत्तराखंड बनने के बाद उन्होंने राज्य ओलंपिक संघ की बतौर अध्यक्ष कमान संभाली। वर्तमान में खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष होने के साथ ही वह हॉकी इंडिया के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं। राजीव मेहता ने हॉकी इंडिया में एसोसिएट अध्यक्ष का पदभार भी संभाला। राजशी जीवन शैली जीते हैं मेहता नैनीताल। मेहता परिवार को मूल पेशा भवन निर्माण, ठेकेदारी आदि का रहा है। नैनीताल में भी उनके द्वारा काफी संख्या में फ्लै्ट बनाए गए है। यहां अयारपाटा क्षेत्र में शेरवुड कॉलेज के पास उनका आलीशान बंगला है।

खुद ‘खोखो’ तथा पत्नी दीपा हैं भारतीय ‘लूज’ फेडरेशन की अध्यक्ष

नैनीताल। राजीव मेहता भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव होने के साथ ही भारतीय खोखो फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं, जबकि उनकी पत्नी दीपा मेहता भी एक ओलंपिक स्तरीय खेल ‘लूज’ की राष्ट्रीय ओलंपिक फेडरेशन की अध्यक्ष हैं।

यह भी पढ़ें : CWG: रिकार्ड पर रिकार्ड, क्वींस बेटन से ही हो गयी थी इतिहास रचने की शुरुआत कॉमनवेल्थ खेलों से पहले से ही बड़ा प्यार रहा राजीव मेहता को। 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ खेलों की मशाल को उत्तराखंड में लाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही थी।
साथ ही 2010 के घर में हुए कॉमनवेल्थ खेलों में क्या कमाल दिखाया था भारतीय खिलाड़ियों ने….
देखें 2010 में कॉमनवेल्थ खेलों पर लिखी गई मेरी तत्कालीन पोस्ट, राजीव मेहता वहां भी है….
@ http://mankahii.blogspot.com/2010/07/blog-post_07.html

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